Best poetry lines in Hindi love|मै आत्माओ से भी ज्यादा तन्हा हूँ

कभी – कभी सूनी अंधेरी रातो में

जब अकेलापन डराने लगता है तो

शायद कुछ भटकी आत्माएं

अपने अकेलेपन से मुक्त होने

मै आत्माओ से भी ज्यादा तन्हा हूँ

मेरे पास चली आती है

लेकिन मै उन्हें कैसे समझाऊँ

मै खुद की ही आत्मा को मुक्त नहीं करा सकता

जो उन आत्माओ से भी कही ज्यादा तन्हा है

मै हर बार उन आत्माओ को मायूस कर देता हूँ

क्या लिखूँ जब शब्द ही साथ नहीं देते तो

औरो से साथ की उम्मीद कैसे रखूँ

अपने पराए क्या होते हैं जीवन में

कहने के लिए हर पराया अपना है

और हर अपना पराया है

मुझे जरूरत है तुम्हारी

कहने के लिए हर पराया अपना है और हर अपना पराया है

मुझे जरूरत थी तुम्हारी

मुझे जरुरत रहेगी तुम्हारी

अब आ जाओ ताकि

हम एक हो जाए

हमेशा हमेशा के लिए

ये सफर जितना मेरा है उससे भी कही ज्यादा तुम्हारा है चलो चले अब

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *