Category: Motivational Poems

मै पिजरे मे बंद एक पंक्षी की तरह हूँ

मुझे लगता है मै पिजरे मे बंद एक पंक्षी की तरह हूँ जिसने हर मौसम को अपनी आंखों से  पिंजरे

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सकारात्मक कविताओं द्धारा मानवीय पहलू

मेरे घर मे कई खिड़कियां है  मगर वो सारी बंद रहती है  घर मे हवाएँ भी कुछ मंद रहती है

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तुम्हारी मुस्कुराहट ही मेरी ताकत है

किसी दिन सुबह में मै जब आंखे खोलू और सामने चमकता हुआ सूर्य दिखे वही खड़ी मुझे तुम भी दिख

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