प्रेम पर कविता|Poems in Hindi on Love|अधूरे प्यार की कविता|Best Poems on Love in Hindi

अधूरे प्यार की कविता

बताओ तुम क्यों नहीं आई

तुम क्यों नहीं आई

मैने जीवन के अंधेरो में तुम्हारा कितना इंतजार किया

तुम प्रकाश की हल्की सी लौ बनकर आओगी

तुम क्यों नहीं आई

अब तो ये आंखे भी पथरा गयी

इंतजार मायूसी में बदल गयी

रास्ते पर टिकी नजर बस

सदा के लिए खामोश हो गई

तुम क्यों नहीं आई

बताओ तुम क्यों नहीं आई

बिना तुम्हारे मैने कितना कुछ सहा

हर पल हर दिन सूरज सा जला

हर पल मै कितना तड़पा

https://youtube.com/shorts/tVLSM0zaX8I

हर किसी ने मुझे कितना सताया

काश तुम आ जाती तो

ये सब कभी ना होता

मै इतना कभी ना तड़पता

शायद तुम मुझे इन तकलीफो से बचा लेती

तुम क्यो नही आई

दिल को छूने वाली कविता

आसमान में सोती हो तुम जमीन में होता है बिस्तर मेरा

सुंदर सा चेहरा तेरा

सुंदर सा चेहरा तेरा

कठिन भरा डगर मेरा

महलों की तुम रहने वाली

फकीरो सा जीवन मेरा

तुमको पाना चाहता हूँ मैं

पर दूर तक असर नहीं है मेरा

आसमान में सोती हो तुम

जमीन में होता है बिस्तर मेरा

लोगों के बीच होता है तुम्हारा बसेरा

विरानो में होता है मेरा सबेरा

प्रेम पर कविता

राह तुमने बनाई और मंजिल मेरा था वहाँ तक पहुँचना तय किया था हमने

आगे अब शायद तुम्हे तय करना है

प्रेम की नगरी का सफर कभी खत्म नही होगा

जहाँ हम मिले थे ये सफर हमारा है और इसे

हमे ही पूरा करना होगा

राह तुमने बनाई और मंजिल मेरा था

वहाँ तक पहुँचना तय किया था हमने

अकेले मै मंजिल पर पहुँच कर क्या करूँगा

अकेले मै मंजिल पर पहुँच कर क्या करूँगा

आगे अब शायद तुम्हे तय करना है

आगे अब शायद तुम्हे तय करना है

सच्चे प्यार पर कविता

तुम मुझे प्रेम की डगर पर तो ले आई जिसमें प्रेम का मोड़ है

कुटिया में रहने आ जाओ

मेरे लिए तो तुम ही हो

वो रास्ता जिसमें बस प्रेम की डगर है

जिसमें प्रेम का मोड़ है

जिसके चारो ओर हरे भरे खेत लहलहा रहे हैं

बहुत तेज ठंडी हवाएँ चल रही है

दूर से पंक्षियों का झुंड गाता हुआ आ रहा है

ऊंचे पहाड़ों के बीच मै खो सा गया हूँ

ऐसा लगता है अब प्रेम की इस डगर पर

एक छोटी सी कुटिया बसा लूं

जहाँ केवल तुम और मै रहूँ बस तुम और मै

तुम मुझे प्रेम की डगर पर तो ले आई

अब साथ में हमेशा के लिए रहने के लिए आ जाओ

हम मिलकर कुटिया बनाएंगे फूस का ही सही

पर हम हमेशा प्रेम से रहेगे सदा

तुम आओगी उस कुटिया में रहने

तुम आओगी प्रिय तुम आओगी प्रिय

प्रेम का वो जीवन जीने

जिसपर हमारा अधिकार है

शायद ये प्रेम का डगर ही

हमारे जीवन की वास्विकता है,अब

तुम्हारी मर्जी है सिर्फ

इस डगर पर चलने की

तुम आओ या ना आओ

मै इस कुटिया में तुम्हारा इंतजार करूँगा

फिर शायद कभी ना ही ये प्रेम की डगर होगी

और ना ही कभी ये प्रेम की कुटिया होगी

Heart Broken Love Poems in Hindi

कीचड़ में भी तुमने ही तो धकेला है शायद इसलिए मैने कीचड़ को अब तक साफ नहीं किया

मै कीचड़ कीचड़ हो गया

कई आरोपों से धिरा मै

शायद कीचड़ में गिरा मै

कैसे खुद को साफ करूँ मै

कीचड़ में भी तुमने ही तो धकेला है

शायद इसलिए मैने कीचड़ को

अब तक साफ नहीं किया

मै और भी उस कीचड़ के अंदर चला गया

बिल्कुल कीचड़ की गहराई में

शायद तुम्हारा मेरे ऊपर फेका कीचड़ भी

मुझे अच्छा ही लगा मै और

मेरा नाम कीचड़ कीचड़ हो गया

सदा के लिए मुझे कीचड़ से

बाहर निकलना आता है,पर

मै कीचड़ में ही अब घर बना लिया है

और इसी कीचड़ में अब रहता हूँ

मेरे ऊपर फेका कीचड़ भी तो खास ही है

बिल्कुल तुम्हारे जैसा

Best Poems on Love in Hindi

मै तो हमारी कहानी लिखूँगा जिसमें तुम और मै हो और उस कहानी में कोई भी ना हो

मै तो हमारी कहानी लिखूँगा

जिसमें सिर्फ और सिर्फ

तुम और मै हो और उस कहानी में कोई भी ना हो

बस और बस हमारा प्यार हो जिसे पाने के लिए

हर रोज मरता रहता हूँ लेकिन इस कहानी में

हम मिलेगें हमेशा हमेशा के लिए

जिसमें कोई भी गम ना तुम्हारा होगा और

कोई भी गम ना मेरा होगा

कितना दर्द सहा है हमने इस कहानी में

कोई दर्द गम पीड़ा तकलीफ नही होगी

बस हमारी खुशियाँ और असीम प्रेम होगा सदा के लिए

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