Hindi poetry on love and life|प्यार को विभत्स कर दिया गया

जीवन की डगर नहीं आसान हर कदम पर है तूफान

तुम एक बार मुझ पर भरोसा तो करो

तुम एक बार हां तो कहो

तुम एक बार ये तो कहो

एक बार मुझ पर भरोसा तो करो

हां चलो हम अपने सपने को अब चलकर जीते हैं

बहुत भाग लिया बेवजह इधर उधर

अब हम साथ कदम बढ़ाते हैं

हां हमारे सपने है अब उसे ख्वाब से हकीकत बनाते हैं

प्यार के खिलाफ नफरतों का गठबंधन

प्यार की बोली लगी प्यार को बेचा गया

प्यार को नोचा खसोटा गया

प्यार को विभत्स कर दिया गया

हमेशा लोग एकतरफा फैसला सुनाते हैं मौका दिए बिना

फिर भी प्यार के लिए दिल में कभी प्यार ना जागा

और दोष अब भी उसी प्यार पर लगा दिया गया

हमेशा लोग एकतरफा फैसला सुनाते हैं

बिना बात किए किसी की राय जाने बिना

उसे मौका दिए बिना खुद ही जज बन जाते हैं

और गलत फैसला सुना देते हैं

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