Best spiritual thoughts in hindi

Best spiritual thoughts in hindi


संगीत की कोई भाषा नहीं होती है जो दिल को छू ले वही तो मधुर धुन है हम सब आत्मा है एक दूसरे को आत्मा की दृष्टि से देखे तो सब बराबर नजर आएंगे ना कोई बड़ा नजर आएगा और ना ही कोई छोटा नजर आएगा सब एक समान ही नजर आएंगे संसार में हमेशा के लिए तो रहने कोई भी नहीं आया है
जितने दिन भी रहना है तो प्रेम से क्यों ना रहे नफरत क्रोध जैसी भावना को हमेशा क्यों दिल में बनाएं रखे
एक न एक दिन ये दुनिया सब को छोड़कर जाना है कोई ऐसा नहीं है जो यहाँ रूक जाएगा जब आए ही है तो वो क्यों ना बांटे जो बांटने के लिए ईश्वर ने हमे भेजा है प्यार


कभी जब हम घूमने कही जाऐ किसी के घर में दो चार दिन रहने जाए और वहाँ खूब गंदगी मचाएं शोर शराबा करे चीखे चिल्लाएं आपस में गाली गलौज करे मारपीट करे तो अगले बार से जहाँ हम गये हैं वो हमे वहाँ दूसरा बुलाएगा बिल्कुल नहीं वो बुलाने से पहले सोचेगा ये पिछली बार शांति भंग करके गया था इस बार इसे बुलाना ही नहीं है अगर वो बुलाएगा भी तो जो कमरा दिया था उससे नीचे स्तर का कमरा देगा ऐसा कमरा जिसकी ज्यादा साफ सफाई नही होती जो सालो सालो ऐसे ही बंद रहता है बस उसे ठीक करके रहने दे देगा यानि मनुष्य से नीचे जानवरों का कमरा स्वभाव के अनुसार ही तो वो कमरा देगा वो अपनी संपत्ति का नुकसान कभी चाहेगा जो उसने इतनी मेहनत से खड़ी की है कोई भी नहीं चाहेगा कोई उसके घर में गंध मचा कर रखे पहले आप मेहमान के कमरे में ठहराएंगे जो कोई आपके घर आएगा आप देखेगे एक दिन में ही उसने आपका जीना हराम कर रखा है अगली आप आप खुद ही उसे अपने मेहमान के कमरे में उसे रूकने कहेगे ही नहीं आप को पता है इसकी आदत फिर अगर आप इसे ठहराते है अपने घर में मेहमान के कमरो में तो आपको फिर वही सब झेलना होगा जो आप ने झेला है इसलिए इस बार आप उसे बुलाएंगे ही नहीं पहले हर संभव कोशिश करेगे वो नहीं आए इसका तात्पर्य आत्मा बिना शरीर के बस भटकती रहेगी यहाँ से वहाँ और जब बुलाने के लिए सोच लिया तो घर के बाहर कोई ऐसा कमरा जो हमेशा बंद रहता है जिसे हल्की सफाई कराकर आप उसे उसी में ठहराएंगे ताकि आपकी शांति इस बार वो भंग ना करे जैसा स्वभाव वैसा कमरा वैसी योनि
तो मानव योनि तो नहीं मिलने वाली उसके नीचे की योनि जानवरों की मिलेगी
उन्नति के बदले और भी पीछे की ओर उस आत्मा का सफर शुरू हो जाता है आत्मा वही आगे जाएगी जो शांति और प्रेम को आगे और आगे लेकर जाएगी जिसके आने से घर में बुलाने वाले को लगेगा ये कितनी अच्छी बातें करता है इसके आने से माहौल भी अच्छा लग रहा है घर का इसलिए अगली बार इसे इससे भी बेहतर और सुंदर कमरे में ठहराएंगे यही से धीरे धीरे आत्मा मुक्ति की ओर मोक्ष की ओर बढ़ने लगती है और अंततः मोक्ष पा लेती है जिस कमरे में हम ठहरे हैं उस कमरे को हम और भी सुंदर बनाते हैं या और भी बदसूरत ये सब हमारे आचरण पर निर्भर करता है भगवान की नजर में आप अगली सीढ़ी चढ़ने के लायक है इससे भी सुंदर कमरे में जहाँ हर सुविधा हो वहाँ ठहरने के लायक क्या आप है आप से बेहतर ये कोई नहीं जानता आप उस लायक है की नहीं अगर नही है तो कमरे की सफाई करे तो कमरा साफ हो जाता है जितनी अच्छी तरह से सफाई करेगें कमरा उतनी ही अच्छी तरह से साफ होता है ताकि इसके बाद इससे भी बेहतर और सुंदर कमरा आपको मिले और कुछ कमरो के बाद आपको वहाँ कमरा मिले जहाँ भगवान स्वंय रहता है उसके घर में एक कमरा आपका भी हो यही तो मोक्ष है आत्मा के निम्न स्तर से उच्च स्तर तक पहुँचने की यात्रा जो सीधे ईश्वर तक ले जाए हमेशा के लिए जहाँ दुख का कोई नामोनिशान नहीं जहाँ सुख प्रेम आनंद हमेशा रहे वही तो मोक्ष है

तू अगर खुश है मुझे हराकर तो
तेरी खातिर सौ बार हार जाऊँ
सिर्फ तेरी जीत की खातिर मै
इस दुनिया में बार – बार आऊँ

Deep Spiritual Thoughts


लोग कहते हैं मेरा बुरा किया तो तुम्हारा भी बुरा होगा
भगवान सब देख रहा है लेकिन क्या भगवान क्या चाहते
है इसे कोई समझ सका आप का बुरा हुआ और आप दूसरे
के लिए बुरा सोच रहे हैं तो आप दोनों तो भगवान के नजर
में बराबर ही है एक ने बुरा किया दूसरा भी बुरा ही चाहता है
तो क्या लगता है भगवान किसकी सुनेगे किसी की भी नहीं
भले एक ने बुरा किया दूसरे ने उसे खुले दिल से स्वीकार करके


माफ कर दिया तो भगवान उसका तो कल्याण करेगे ही जिसने माफ किया साथ ही उसका भी जिसकी वजह से उसने अच्छा किया बुरा करने वाले का भी कल्याण होगा अगर दूसरा उसको माफ कर दे भगवान को क्या चाहिए सच्चे भाव प्रेम के चाहे उनके लिए हो या किसी और के लिए बस भाव में सच्चाई होनी चाहिए अगर बुरा करने वाले का बुरा करने के लिए हम भगवान को कहेगे बहुत साधारण सी सोचने वाली बात है तो वो बुरा कर देगे आपके घर में दो बच्चों है एक बच्चे ने दूसरे बच्चे को मारा और दूसरा रोते रोते आपके पास आकर कहेगा आप इसे भी मारो तो क्या आप मारेगे खुद सोचिए नहीं मारेगे समझाएंगें उसे दोनों को की लड़ना झगड़ा करना मारपीट करना बुरी बात है तो भगवान कैसे बुरा कर देगे
कभी भी जज बनने से पहले केस को समझने का प्रावधान है फिर कोई क्रिया होती है जज हमेशा चाहता है मामला सुलझ जाऐ जब नहीं सुलझता तब जज फैसला सुनाता है
मांगना ही तो मांगे उसका भला हो जाए दिल से निकली सच्ची आवाज दोनो का कल्याण करेगी
संसार में बस नकारात्मकता है विचार में नजरिये में हाव भाव में कोई हमे गाड़ी चलाते हुए बार बार हाॅन मारे आगे जाने के लिए जब वो आगे निकलता है तब भी हम उसे ऐसे घूरते है जैसे उसने कितना बड़ा कांड कर दिया हो
ये क्रोध नफरत धीरे धीरे और भी फैलती जा रही है ये एक बिमारी ही है छूत की जो एक से दूसरे में फैलती जाती है दुनिया को प्यार की जरूरत है नफरत की नहीं
जिससे नफरत करते है आप बहुत ज्यादा एक दिन बहुत गुस्सा आया उस पर अगले दिन अगर वो मर गया अचानक तो आपको क्या खुशी होगी अच्छा हुआ मर गया या दुख होगा मैने बेकार में हमेशा इस पर क्रोध किया मगर आपके ऐसा सोचने से वो लौट कर आ जाएगा जीवन भर ये पश्चाताप भीतर रहेगा इसलिए हम नफरतों से ऊपर उठे दो चार दिन के जीवन में प्यार बांटते बांटते वापस लौट जाए जहाँ से हम आए हैं यही तो हमारा सफर है जिसे हमे पूरा करना है

दिल की आंखों से देख जग को
यहाँ कितना भरा है प्यार
अनगिनत कहानियाँ मिलेंगी तुझे
प्रेम ही है जिसका सार
नफरत तो शरीर का है व्यापार
आत्मा तो हर बार मर के चाहे बस प्यार

spiritual thought of the day in hindi

जंग हथियार से भी लड़े जाते हैं
जंग शब्दों से भी लड़े जाते हैं
कुछ जंग खामोश रह कर लड़े जाते हैं,


लेकिन वजह क्या होती है वर्चस्व सबसे बड़ी वजह है हर कोई अपना वर्चस्व एक दूसरे पर कायम करना चाहता है बात अगर बेहतर की होती तो बेहतर को बेहतरीन मानने में प्रसन्नता होनी चाहिए लेकिन
खुद को सामने वाले से कही अधिक बेहतर ताकतवर दिखाना होता है एक डर उसके मन में बिठाने का इरादा होता है खुद के लिए जब सामने वाला खुद को कम मानने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं होता है तब टकराव होता है जो जंग का रूप इख़्तियार कर लेती है जंग अपने साथ पीड़ा, बर्बादी,
भारी नुकसान, जिंदा रहने के लिए संधर्ष जैसी स्थिति लेकर आती है जो देश जंग की आग में कूदता है उसे बर्बादी के सिवा कुछ भी नहीं मिलता अंत में थक हार कर शांति समझौता करना पड़ता है कुछ सालो तक सब कुछ खामोश रहता है फिर वही शुरुआत हो जाती है जंग की अगर जीत का आधार जंग की जगह प्रेम को बनाए तो उससे मिलने वाली जीत सदैव स्थायी रहती है जंग का मतलब ही विनाश है और प्रेम का मतलब सृजन है इसलिए चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होता है इसलिए जीवन की हर समस्या का हल प्रेम पूर्वक करे जंग के विकल्प को हमेशा के लिए त्याग कर तभी जीवन में शांति आएगी शांति का प्रेम का पथ सबसे सुंदर मार्ग है जहाँ पर चलने वाले को परम शांति मिलती है

चंद लफ्जो में समझ जाओ फसाने
मोहब्बत से ही चलते हैं जमाने
वो देता है दिल से जो भी
जो गाते है हमेशा दिल के तराने


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