लोगों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण तथ्य

लोगों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण तथ्य

जीवन में कामयाब बनने के लिए हमें सिर्फ साकारात्मक बातो से सफलता हासिल नहीं होगी बल्कि हर एक वस्तु जो हमारे सामने है उसका उपयोग कैसे सही तरीके से कर सकते हैं ये सिखना है हम पैसे कमा कर अमीर बन सकते है लेकिन सदा के लिए कामयाब नहीं यही तो हमें सीखना है कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को हम ध्यान से देखते है की जीवन में क्या -क्या सुधार कर सकते हैं

         1. लोगों को प्रभावित करने वाले तथ्य


लोगों को अक्सर किसी का मुस्कुराता हुए चेहरा प्रभावित करती हैं बहुत सारे लोग उस चेहरे से आकर्षित हो जाते हैं लोगों उनसे जुड़ने लगते हैं लोगों में अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए सदैव मुस्कान चेहरे पर होनी चाहिए जो स्वाभाविक लगनी चाहिए ना की बनावटी और खोखली
लोग अक्सर मनुष्य के सामाजिक व्यवहार से भी प्रभावित होते हैं लोगों के प्रगति के लिए कार्य करने का इच्छुक मनुष्य को भी लोग बेहद पसंद करते हैं जो अपने विचारों से लोगों को ये एहसास दिलाते हैं की उन्हें लोगों की फ्रिक है और वे उनके लिए कुछ न कुछ करना चाहता है
जो लोग सदैव अपने लक्ष्य के लिए संधर्ष करने से नहीं घबराते हैं तो इस प्रकार के लोग काफी प्रभावित करते हैं अपने आस-पास के लोगों को और उनका प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ता ही जाता है
जो लोग भूतकाल की अपनी गलतियों से सीख कर नयी शुरुआत करते हैं तो वैसे लोग समाज में बहुत प्रभावित करते हैं हर कोई उनका अनुसरण करना चाहता है कोई भी कार्य उतनी तेजी से नहीं होता जितना की लोग अनुमान लगा बैठते है किसी ने कोई कार्य की शुरुआत की और वो चाहता है की उसे उस कार्य में तुरंत सफलता मिल जाएं ऐसा कभी नहीं होता इसमें समय लगता है अगर आप किसी व्यक्ति को जीवन जीने के कुछ बेहतरीन तरीके सीखना चाहते हैं तो वह व्यक्ति इसमें दिलचस्पी नहीं लेगा क्योंकि उसके लिए ये उसके आम दिनचर्या से भिन्न है जिसमें वो खुद को सहजता से स्वीकार नहीं कर पाएंगा जब तक उन्हें इन तरीकों में कुछ लाभ का अनुभव ना हो फिर वो व्यक्ति कहेगा छोड़ो ये मुझ से नहीं हो पाएगा ये मेरे बस का नहीं है,अब करके क्या फायदा, हमने अपनी जिंदगी जी ली है आप किसी और को बताओ
लोग आप से तभी प्रभावित होने जब आप उनके पक्ष में कुछ अच्छे करें और इसमे उनका शारीरिक श्रम धन इत्यादि का व्यय ना करने पड़े अगर आप को लोगों को प्रभावित करना है तो इस बात का ध्यान सदैव रखें की उन्हें किसी बात को लेकर ठेस ना पहुंचे हमे लोगों के साथ व्यवहारिक रूप से रिश्ता मजबूत करना है जो एक मानव चेन की तरह एक दूसरे के साथ आगे बढ़ती चली जाएगी
हमे उन लोगों को साथ लाना है जो परिवर्तन को स्वीकार करने में और उनसे जूझने में संकलित हो ना कि परिवर्तन से घबराकर उनसे दूर जाने मे अगर कोई व्यक्ति इसके लिए आप की कसौटी पर खड़ा नहीं उतरता है तो इसके लिए उस व्यक्ति की आलोचना करने का कोई फायदा नहीं होता है क्योंकि इससे सामने वाला व्यक्ति अपने बचाव में तर्क देने लगता है बहुत से बहाने बनाने लगता है क्योंकि संसार में बहुत कम लोग खुद के दोष को मानते हैं
आलोचना करने से हमेशा मनुष्य के भीतर आत्मविश्वास की कमी आती है और जिस गलती को ठीक से करने के लिए आलोचना की जाती है उसमें कोई सुधार नहीं होता है और आपस में संबंध भी खराब हो जाते हैं
इसलिए ऐसा वाक्यों से सदैव बचे जो अक्सर लोग कहते हैं मैंने जो किया उसके सिवाय मैं कर ही क्या सकता था
ये कभी नहीं देखे की आस पास की जो परिस्थिति है उसके लिए दोष किसका है और आप को इसकी परवाह भी नहीं करनी चाहिए इसके लिए किसी के साथ विवाद करने से अच्छा है अपने कार्य पर ध्यान दें उन गलतियों पर काम करें जो आप को असफल बनाती है इतिहास में हजारों उदाहरण मिल जाएंगे जहां हर गलत काम करने वाला अपनी गलती के लिए दूसरों को दोष देता है परिस्थितियों को दोष देता है परंतु खुद को दोष नहीं देता सभी लोग लगभग यही करते हैं हमे उन लोगों से सीखना चाहिए जो लोगों के दिल जीत लेते हैं वो लोग कैसे लोगों के दिल जीत लेते हैं उनका भरोसा हासिल कर लेते हैं इस अद्धभूत कला का क्या राज है उन लोगों की लोकप्रियता का राज है वो कभी किसी को अपमानजनक बात नहीं बोलते वो लोग किसी का मखौल नहीं उड़ाते ना ही किसी की आलोचना करते हैं
उनके हृदय में किसी के लिए दुर्भावना नहीं होती बल्कि सबके लिए सद्भावना होती है
खुद को शांत रखना औरो को शांत रखना ही उनका उद्देश्य होता है ताकि सब-कुछ अच्छा हो
वैसे लोग गुस्से में भी कभी संयमित रहते हैं पूरी तरह संतुलन बनाएं रखते हैं कभी जल्दबाजी नहीं दिखाते
कुछ भी करने से पहले एक मिनट बैठकर ठंडे दिमाग से सोचते हैं की कहीं ये जल्दबाजी तो नहीं है

       2. सफलता के लिए निर्धारित नियम

 

सफलता एक सोच है बिल्कुल किसी खेल में खिलाड़ी की तरह जब खिलाड़ी केवल जीत के इरादे से मैदान में उतरता है तो वो निश्चित ही रूप से जीतता है और भविष्य के लिए उसका आत्मविश्वास बढ़ जाता है उसे पता चल जाता है की अगर जीतना है तो पहले माहौल तैयार करना पड़ता है खुद को ये यकिन दिलाना पड़ता है की वो अवश्य जीतेगा और अंत में वो जीत जाता है जीवन में सफलता के लिए तनाव मुक्त होकर केवल खुद पर भरोसा रख कर हम अवश्य विजयी हो सकते हैं आप जीवन में जितना अधिक तनाव लेना कम कर देंगे आप के सफल होने की संभावनाएं उतनी ही अधिक प्रबल होती जाएगी आप को अधिक से अधिक खुद पर भरोसा करना पड़ेगा इसके लिए अभ्यास की आवश्यकता पड़ती है आप अपने आस-पास के हर उम्र के लोगों को देखते होंगे उनकी कमियां और खुबियों पर गौर करें जो उनकी सबसे महत्वपूर्ण खूबी है उसे अपना लें और उनके कमियों को नजरंदाज करें
अपने जीवन को बेहतर करने के लिए ये नियम सुनिश्चित कर लें अगर आप किसी कार्य को लेकर चिंतित हैं मन में सदैव एक भय रहता है तो उस कार्य को करने की अपनी क्षमता बढ़ा दे फिर देखें आप को उसका परिणाम निश्चित तौर पर मिलेगा अगर आप जीवन को लेकर संभावना लगाएं बैठे हैं की आप सफल कैसे हों सकते हैं तो आप संभावनाओं की अपार क्षमताओं को देख कर भी आप उसे देखना नहीं चाहते हैं अगर आप अपने आस-पास के लोगों के ढर्रे पर चलते हैं तो आप को वहीं धिसा पिटा ही परिणाम प्राप्त होगा औसतन अगर आप किसी कार्य को पूरा करते हैं तो आप की क्षमता कितनी भी बुरी क्यों ना हो मगर आप को अवश्य ही परिणाम देगी
जब हम औसतन परिणाम प्राप्त कर सकते हैं तो अगर हम पूर्ण सक्रियता के साथ कार्य करें तो सफलता की संभावना काफी अधिक बढ़ जाती है


        3. सफलता के लिए आवश्यक गुण


1.सबसे पहले यह तय करें की आप को करना क्या है
2.अपना लक्ष्य को निर्धारित करें
3.अपनी योग्यताओं पर भरोसा रखें
4.अपने लक्ष्य के प्रति के लिए लक्ष्य पर हर दिन कार्य करें
5.सदैव परिणाम की चिंता किए बगैर कार्य पर ही ध्यान केंद्रित रखें
6.संयमित होकर परिणाम की प्रतीक्षा करें
7.हर रोज अपनी गलतियों पर काम करें उनमें सुधार करें
8.सदैव अपने कार्य के प्रति ईमानदार रहें
9.सकारात्मक सोच सदा मन में रखे
10.सफलता प्राप्त करने के लिए नहीं बल्कि सफल होने के लिए कार्य करें
11.कभी भी निराशा का भाव मन में आने ना दे
12.कभी भी जो आप ने निर्णय लिया है उसपर पश्चाताप ना करें
13.समय का सदुपयोग करें
14.व्यर्थ में किसी की आलोचना करने में समय नष्ट ना करें
15.अपने आस-पास के लोगों से जो कुछ भी सीखने को मिले सीखते रहें
16.सदैव विनम्र व्यवहार रखें
17.सब लोगों का सम्मान करें
18.भेदभाव छल कपट से दूर रहें

      4. खुद पर भरोसा करने का साहस

जो खुद पर जो भरोसा करने का साहस करता है उसे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने से कोई भी नहीं रोक सकता है क्योंकि उसकी सबसे बड़ी ताकत वो स्वयं ही है जब मनुष्य खुद पर भरोसा करता है तो वह साहसी बन जाता है वह पूर्णतया भय मुक्त हो जाता है उसे अपने असफल होने का कोई भय नहीं होता क्योंकि वह पुनः विषम परिस्थितियों में भी लड़ने के लिए खड़ा हो जाएगा और वो तब तक प्रयास करेगा जब तक वो सफल नहीं हो जाता है जब हम खुद पर भरोसा रखते हैं तो हम धीरे-धीरे मजबूत बनते जाते हैं लेकिन अगर भरोसा हम दूसरों पर करते हैं तो हम धीरे-धीरे कमजोर होते जाते हैं और एक दिन बिल्कुल असहाय बन जाते है अगर हम चाहते हैं की भविष्य में हम किसी के सहारे जीवनशैली व्यतीत ना करें तो हमें सदैव खुद के लिए कार्य करना होगा जिससे हम स्वयं के प्रगति का मार्ग प्रशस्त करें जहां भय होता है वहां साहस नहीं होता और जहां साहस होता है वहां भय नहीं होता है
जीवन में सफल होने के लिए आप को साहस जुटाकर आगे बढ़ना ही होगा जीवन में जो लोग सफल होने के लिएहिम्मत जुटाते हैं उन्हें असफल होने का भय नहीं रहता जिस दिन हम हिम्मत जुटाने भूल जाएंगे तो जीवन में हमें कठिनाई का सामना करना पड़ता है जहां हिम्मत और भरोसा होता है वहां सदैव सच और खुशहाली का निवास होता है अपने बुरे हालातों से लड़ने के लिए जिसने भी हिम्मत जुटा ली ठीक उसी क्षण से उसके हालात बदलने लगते है

       5. कार्य में सफलता के लिए आवश्यक क्या है

1. लक्ष्य का निर्धारण

2. सही दिशा में कार्य करना

3. मूल आवश्यकताओं को प्राथमिकता देना

4. अपनी क्षमताओं में धीरे-धीरे वृद्धि करना

5. खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाना

6. हर परिस्थितियों का सामना करें उनसे भागे नहीं

7. अपने हर कार्य में पूर्णतः समर्पित होना

8. सफलता प्राप्त करने की खुद में ज़िद होना 

9. अपनी कमियों पर हर रोज कार्य करना

10. अपनी सबसे कमजोर कड़ी को सबसे मजबूत कड़ी में बदलना

11. सकारात्मक सोच और व्यवहार हमेशा रखना

12. बिना सोचे-विचारे कोई कार्य नहीं करना

13. हर रोज खुद को प्रेरित करना की हर कार्य मैं कर सकता हूं

14. असफलता को भी सच्चे दिल से स्वीकार करना

15. चाहे जो भी हो जाए अपने चेहरे की मुस्कान को नहीं खोना 

16. तनाव मुक्त होकर कार्य करना  

              6.   जीवन के नियम क्या है

1. सदैव ईमानदार रहें अपने हर कार्य में अपने रिश्तों में
2. दूसरों की आलोचना करने से बचे
3. अपना दोष दूसरों पर मत डाले
4. अपनी गलतियों को सदैव स्वीकार करें
5. जीवन में खुद से तथा औरो से प्रेम करें
6. अपनी योग्यताओं का सही उपयोग करें
7. अपनी जिम्मेदारी से कभी मुंह ना चुराएं
8. सबके लिए अच्छा सोचें
9. दूसरों के प्रति विनम्रतापूर्वक व्यवहार रखें
10. सदैव सीखते रहें
11. समय का सदा सदुपयोग करें
12. हमेशा धैर्य बनाए रखें और खुद के कार्य पर भरोसा रखें
13. जीवन को खुल कर जीएं ना की बोझ समझते हुए जीएं
14. हमेशा सबको माफ करने का भाव मन में रखे
15. सदैव अपने प्रियजनों से सदैव संबंध बनाए रखे

      7. जीवन में सफलता पाने का मूल मंत्र क्या हैं

1.जीवन मिला है कुछ अच्छा करने के लिए कुछ बेहतर हासिल करने के लिए जिसके आप हकदार हैं
2. जीवन में सफलता इस बात पर निर्भर करता है की आप जो कार्य कर रहे हैं वो आम लोगों की तरह कर रहे हैं या फिर उस भीड़ से हट कर कुछ अलग करने का साहस कर रहे हैं
3. जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लगातार काम करते रहे जब तक आप को सफलता मिल नहीं जाती
4. कभी रूके नहीं अपने काम को करते रहे जिससे सफलता मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है
5. जो वक्त बीत चुका है उसके लिए अफसोस करने से बेहतर है आप कार्य पर ध्यान केंद्रित करें
6. जीवन में हिम्मत करके अपने बुरे वक्त को बदलने के लिए कदम बढ़ाएं ये हिम्मत ही सफलता की नींव रखती है
7. परिश्रम करने से कभी पीछे नहीं हटे यही आप को सफलता दिलाएंगी
8. जीवन में सदैव लोगों का सम्मान करें उन्हें आदर दे सदैव उन्हें आदरपूर्वक शब्द से संबोधित करें
9. जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आप शब्द का उपयोग सबसे अधिक करे और मैं शब्द का उपयोग ना के बराबर करें
10. एकजुटता और कार्य की प्रगति के लिए सदैव हम शब्द का उपयोग करें

        8. किसी का विश्वास मत तोड़ो

1. जब आप के आशा के अनुरूप कार्य नहीं होता है तब अक्सर विश्वास टूटता है अपने विश्वास को इतना कमजोर मत बनाओ

2. धोखा और विश्वास दोनों एक पतली सी डोर पर टिके होते हैं

3. जब कोई आप की बात को सुनते वक्त ध्यान केंद्रित ना करें बल्कि इधर उधर देखने में व्यस्त रहे तो उसपर विश्वास करने से सदैव बचना चाहिए

4. भरोसा बनाना मुश्किल है मगर तोड़ना आसान है

5. विश्वास सदैव सकारात्मक ऊर्जा लाती है और अविश्वास सदैव नकारात्मकता लाती है

6. विश्वास है तभी सफलता प्राप्त होती है अगर विश्वास नहीं तो सफलता प्राप्त करना भी संभव नहीं है

7. विश्वास से सदैव किसी भी जटिल समस्याओं का समाधान हो सकता है मगर अविश्वास से समस्या और भी जटिल बना जाती है

8. लोग आप की सफलता को देखकर आप पर विश्वास और अविश्वास करते है

9. किसी का विश्वास तोड़ना खुद को ही धोखा देने के समान है जिसके अंतर्गत हम अपनी सारी सकारात्मक संभावनाओं का अंत स्वयं ही कर देते हैं

10. किसी का विश्वास तोड़कर कोई भी खुश नहीं रह सकता है

           9. अपनी अच्छाई पर भरोसा करें

 

अपनी अच्छाई पर भरोसा करें

1. अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखें की जो भी कोई आप को अहमियत नहीं देगा बाद में उसे ही आप की सबसे ज्यादा अहमियत महसूस करेगा

2. दूसरों पर हमें भरोसा करने से पहले खुद की अच्छाइयों पर भरोसा होना चाहिए ताकि यकिन और भी मजबूत हो जाए खुद पर

3. जब हर कोई हर अच्छाई में बुराई को तलाश करने में मशगूल रहता है वहीं सच्चा मनुष्य हर बुराई में भी कोई न कोई अच्छाई अवश्य तलाश कर लेता है

4. असफलता मिलने का मतलब ये नहीं की आप निराशा के अंधेरे में डूबे जाएं बल्कि आप फिर से उस सफलता के लिए कार्य करें जो मिलकर ही रहेगी क्योंकि हर अंधेरी रात के बाद सुबह अवश्य होती है

5. अपनी सोच को बदल कर ही हम सही दिशा में जा सकते हैं क्योंकि मन में अगर अच्छी भावना हो तो सदैव अच्छे विचार ही आएंगे और बुरी भावना हो तो सदैव बुरे विचार

       10. खुद के भविष्य के लिए दूरदर्शिता

1. व्यक्ति का सकारात्मक दृष्टिकोण होता है

2. व्यक्ति ईमानदारी पूर्वक कार्य करता है

3. व्यक्ति धैर्य के साथ काम करता है

4. व्यक्ति लंबे समय के लिए कार्य की योजना बनाता है

इसके लिए वो छणिक लाभ को अहमियत नहीं देता

5. व्यक्ति हर चीज की अच्छी और बुरी समझ को विकसित कर लेता है आंकलन करना सीख जाता है

6. लोगों के साथ व्यवहार में उसके विशेष शिष्टाचार होता है

7. सदैव हम और आप जैसे शब्दों से खुद और औरों को संबोधित करता है ताकि आपस में समानता की भावना विकसित हो सके जो उसके बेहतर भविष्य की आवश्यकता होती है

8. लोगों को उनके काम के लिए सम्मान देना

9. लोगों से सीखते रहने की ललक

10. अपनी कमियों को खोजना और रोज उस पर कार्य करना

       11. योजना की सफलता की क्या विशेषताएं होनी चाहिए

1. कार्य करने का तरीका

2. कार्य की सफलता के लिए योजना

3. कार्य का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए

4. कार्य करने के लिए परिस्थितिया बनानी चाहिए

5. कार्य करने के लिए नियमों का निधार्रण होना चाहिए

6. कार्य करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए

7. कार्य करने के लिए केवल कार्य पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए ना की कार्य की सफलता और असफलता पर

8. हर रोज लगातार कार्य करना चाहिए क्योंकि लगातार कार्य करने से परिणाम की प्राप्ति अवश्य होती है

9. कार्य में औसतन सफलता भी भविष्य के लिए बड़ी सफलता का आधार बनता है

10. संयमित होकर ही परिणाम खुद के अनुकूल प्राप्त किया जा सकता है

       12. सफलता के लिए कार्य करें ना की पैसों के लिए

सफलता प्राप्त करने का मतलब यह नहीं है की सफलता सदैव स्थाई ही रहेगी बल्कि सफलता की परिभाषा इसके विपरित है क्योंकि सफलता  अस्थाई है कभी भी सफलता अपना रूप बदल लेती है कभी भी असफलता दुबारा मिल सकती हैजबकि सफल होने का मतलब है उन सारे तथ्यों के प्रति सजग रहना जो सदैव सफलता से भी ऊंची सफलता दिलाती है खुद को ऊंचा समझना सदैव गहरी खाई को तैयार रखती है
क्योंकि कुछ लोगों का मानना है की पैसा का प्रेम ही सारी बुराई की जड़ है तो कुछ लोगों का मानना है की पैसे की कमी ही सारी बुराई की जड़ है हम देखते हैं की अमीर लोग ज्यादा अमीर बनते हैं जबकि गरीब लोग ज्यादा गरीब बनते जाते हैं और इनके बीच का मध्यम वर्ग सदैव इन दोनों के बीच पिस्ता रहता है मध्यम वर्ग के ऊपर सदैव कर्ज का ही बोझ रहता है जरूरत यह है की हम जब भी कार्य करें तो आर्थिक मसले पर अपने दिमाग का सदुपयोग करें जिसका दीर्धकालीन नतीजा अवश्य निकलेगा जो सकारात्मक होगा जो आने वाले दिनों में हमें आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा अगर हम क्षणिक लाभ को देखकर कार्य करते हैं और दीर्धकालीन अवसरों पर कार्य नहीं करते हैं तो सदैव स्थिति डमाडोल ही रहेगी अतः हमें पैसो के लिए कार्य ना करके अपने भविष्य की आर्थिक स्थिति की पूर्णतः स्वतंत्रता पर कार्य करना चाहिए जो सदैव बनी रहेगी इसलिए कामयाब होने के लिए कार्य ना करें बल्कि कामयाब बनने के लिए कार्य करे

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