परिवर्तन कैसे काम करती है जीवन मे इसका क्या प्रभाव पड़ता है

परिवर्तन कैसे काम करती है और जीवन मे इसका प्रभाव

परिवर्तन तेज नदी के बहाव की तरह है अगर स्वीकार किया तो दूर तक का सफर आराम से तय कर सकते हैं और अगर हम बहाव का आकलंन सही रूप से नहीं लगाएंगे तो हम डूब भी सकते हैं जीवन में जब हम परिवर्तन को स्वीकार नहीं करते हैं तो हमारे असफल होने की बहुत सारी वजहें मौजूद हो जाती है क्योंकि अक्सर जीवन में परिवर्तन तभी आता है जब आप सही समय पर सही फैसला नहीं ले पाते हैं या फिर आप उस फैसले को लेने से डरते हैं क्योंकि कभी -कभी इन्ही परिवर्तनों में छिपे सुनहरे अवसर आते हैं और हम उन अवसरों को देख नहीं पाते उन्हें नजर अंदाज कर देते हैं और जब वो अवसर हमारे हाथो से निकल जाता है तो हम बस अफसोस करते रह जाते है और ये अफसोस इंसान जीवन भर करता रहता है भले ही वो किसी से ना कहे लेकिन उसे एहसास होता है की उसने गलती की है इसलिए परिवर्तन को जीवन में स्वीकार करना चाहिए क्योंकि ये परिवर्तन आपको शायद वो सब कुछ दे सकता है जो आप जीवन में चाहते हैं आपका प्यार आपकी खुशी आपका एक खुशहाल जीवन जहाँ केवल खुशीयों हो क्योंकि अगर परिवर्तन को सही रूप में अपनाकर हम मुस्कुराना सीख लेते हैं तो इससे बेहतर और क्या चाहिए जीवन में परिवर्तन हमारे विचारो के आधार पर ही काम करती है क्योकि हम परिवर्तन के लिए कभी तैयार नही रहते है और जब परिवर्तन होता है तो हम अक्सर भयभीत हो जाते है क्योकि परिवर्तन हमारी एक सोच है जिसके अंतर्गत हम जहां है वहां खुद को सुरक्षित महसूस करते है उस सुरक्षा की भावना को परिवर्तन से धक्का लगता है क्योकि अब जो व्यवस्था होगी उसमे शायद अब हम उसमे खुद को सुरक्षित महसूस नही करेगे तो हम उस व्यवस्था मे कोई बदलाव नही चाहते है क्योकि हम परिवर्तन को स्वीकार करना नही चाहते है

कुछ लोग अपने काम में इतना ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं की कभी -कभी उन्हें उनके साथ समय बिताने का मौका नहीं मिलता जो उनका सब कुछ होता है जैसे उनका परिवार बीबी बच्चे प्रेमिका मित्र क्योंकि कभी -कभी समय ना देने के अभाव की वजह से भी ये रिश्ते बुरी तरह प्रभावित होते हैं इसलिए एक अच्छा इंसान वही है जो दोनों में संतुलन बनाए रखें अपने काम में और अपने रिश्तो में तो ये परिवर्तन भी एक नये सुंदर युग का आगाज होगी

 नयी शुरूआत करने के लिए परिवर्तन को स्वीकारना

एक नयी शुरूआत करने के लिए हमे परिवर्तन को स्वीकार करना ही होगा क्योकि बिना चुनौतीयो को स्वीकार किए कुछ भी हासिल नही किया जा सकता है चाहे वो आर्थिक उपलब्धि हो या सामाजिक उपलब्धि अगर हम बदलाव के लिए तैयार है तो हम सफलता के लिए तैयार है किसी भी मनुष्य का सबसे बड़ा धन उसका आत्मसम्मान होता है उसके आगे राजा का शासन भी मायने नही रखता अपने आत्मसम्मान के लिए परिवर्तन को ना स्वीकारना कायरता है और उसे स्वीकारना वीरता तो ये तय हमारे विचारो पर निर्भर करता है कि हमे क्या पसंद है अपना आत्मसम्मान अपना गौरव या फिर बिना परिवर्तन की वही जीवन जिसमे सबकुछ है मगर आत्मसंतृष्टि नही है

  •  परिवर्तन जीवन का सच है जिसे जितनी जल्दी हम स्वीकार करें उतना ही हमारे लिए हितकारी है
  • जीवन में परिवर्तन आपके आसपास के लोगों का असली चेहरा आप के सामने उजागर कर देता है
  • एक साल में मौसम में भी कितने परिवर्तन होते हैं तो मनुष्य के जीवन में परिवर्तन भी वैसा ही है
  • परिवर्तन हमारे इच्छाशक्ति कि असली परिभाषा बताती है 
  • परिवर्तन को सदैव सकारात्मक रूप में स्वीकार करना चाहिए
  • हर एक परिवर्तन एक महान घटना की शुरुआत होती है
  • परिवर्तन जल के समान है और हमें परिवर्तन में अग्नि नहीं बनना चाहिए वरना हम तुरंत ही बुझ जाएंगे
  • हर एक परिवर्तन इतिहास का निर्माण भी करती है और विनाश भी
  • परिवर्तन से भागे नहीं बल्कि उसका सामना करें
  • परिवर्तन से लड़कर ही योद्धाओं का कौशल सामने आता है

परिवर्तन को सदैव जीवन में एक बेहतर रुप में देखना चाहिए क्योंकि परिवर्तन केवल कुछ समय के लिए होता है और उस समय का सदुपयोग हमें जीवन में मजबूत इरादों वाला बना देता है जिसके बलबूते हम जीवन में किसी भी परिस्थिति में विचलित नहीं होते और लगातार सफलता के पथ पर कदम तेजी से बढ़ाते रहते है परिवर्तन तो सृष्टि का नियम है तो इसे मानवीय मूल्यों में खुद के विकास के लिए अपना लेना भी तो प्रकृति का सम्मान करना ही तो है

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