जीवन में कैसे खुद को प्रेरित करें

जीवन में कैसे खुद को प्रेरित करें

जीवन में जब हम किसी भी शिखर पर पहुँचे इंसान को देखते हे तो हमारे मन में कहीं न कहीं ये विचार अवश्य गुंजती है आखिर वो इंसान शिखर पर कैसे पहुंच गया ऐसा क्या किया होगा हम सोचते हैं शायद उसे बेहतर माहौल मिला होगा आगे बढ़ने के लिए उसका दिमाग हमारे दिमाग से अच्छा होगा उसकी यादाश्त की क्षमता काफी अच्छी होगा या वह दिन रात मेहनत करता होगा लेकिन उसमें ऐसी कोई भी खूबी मौजूद नहीं है वो साधारण सोच वाला इंसान है उसकी याद्दाश्त भी साधारण है उसका परिवेश भी साधारण है लेकिन उसकी सबसे अच्छी बात ये है उसमें जो किसी में नहीं है की उसकी सोच सभी आम लोगों की सोच से बहुत बड़ी है वो सीमित रूप से कुछ भी नहीं सोचता बल्कि विस्तृत रूप से विस्तार पूर्वक ही वो सोचता है जब सोचता है लेकिन उसने अपने सोच को सच करने की हिम्मत दिखाई वो सच्ची कोशिशें करता रहु और एक दिन वह सफल हो गया और आज सब उसे शिखर पर खड़े होकर देख रहे हैं उसके बारे में बातें कर रहे हैं जब तक हम खुद को ये विश्वास नहीं दिलाएं कि हां हमें जीवन में अगर कुछ करना है तो बदलाव जरूरी है और जब आप धीरे-धीरे बदलने लगते हैं तो ये छोटे-छोटे बदलाव आप के जीवन में बड़े परिवर्तन लेकर आयेगी और ये संभव तभी होगा स्वयं के बदलाव सेअपितु इस बदलाव को स्वीकार करना होगा तथा हमारी इच्छा शक्ति भी प्रबल करनी होगी जिससे हमारी भावनाओं को और अधिक मजबूत किया जा सके जिससे ये संभव हो सके

खुद को प्रेरित हम किन परिस्थितियों में कर सकते हैं 

  • अध्यन के क्षेत्र में जब हम काफी हतोत्साहित हो:-
  • अपने दिन चर्या में परिवर्तन :-
  • अपने बढ़ते स्वास्थ्य को संयमित करने में:-
  • जीवन के दैनिक परेशानियों में

अब विस्तार पूर्वक विचार करते हैं

  • अध्यन के क्षेत्र में जब हम काफी हतोत्साहित हो

अक्सर हम देखते हैं जो विधार्थी अध्यन करते हैं जो दिन-रात पढ़ाई करते हैं फिर भी एक अलग ही तनाव में रहते हैं उन पर ये तनाव इतना गहरा असर छोड़ता है कि वो अक्सर अगल बोझिल से महसूस होते हैं क्योंकि उन के मन पर अगर असफलता मिली तो क्या होगा ये सोच उन्हें काफी भयपूर्वक परिस्थितियों में लाकर खड़ी करती है उन्हें आवश्यकता है निर्भय लोगों से प्रेरणा लेने का कि उन्होंने इस परिस्थितियों का सामना कैसे किया क्योंकि उन्होंने जब भी प्रयास किया बिना डरे जीत के लिए उनके लिए हारना मायने नहीं रखती थी मायने रखती थी बिना भयपूर्वक चुनौती का सामना करना और जब हम किसी भी बड़ी समस्याओं का सामना बिना भयपूर्वक करेंगे तो अवश्य ही सफल होंगे ऐसे कितने विधार्थी है जो अंधे है देख नहीं सकते तो क्या वो पढ़ाई नहीं करते वो पढ़ाई भी करते हैं और कितने महत्वपूर्ण स्थानो में कार्य भी करते हैं क्योंकि उन्होंने कभी डर को हावी नहीं होने दिया खुद पर उन्होंने अपनी कमजोरी पर नहीं बल्कि अपना सारा ध्यान अपनी शक्ति पर केंद्रित किया

  • अपने दिनचर्या में परिवर्तन

अपने दिनचर्या को लेकर कितने लोग ये सोचते हैं कि कल से करेंगे फिर कल आता है फिर ये ही सोचते हैं कि कल से करेंगे और ऐसे करते-करते कल कभी नहीं आता है तो अपने दिनचर्या में जो परिवर्तन करना चाहते हैं वो आज से ही शुरू कर दें जैसे मुझे कोई काम करना है तो आज ही करके समाप्त कर देना है कल के लिए कोई कार्य नहीं छोड़ना है अगर सब यही सोचते कल करेंगे तो इस दुनिया में कोई महान कार्य होता ही नहीं तो हमें उस सोच से प्रेरणा लेनी है जो किसी भी कार्य को तुरंत करने के लिए प्रेरित करें क्योंकि समय बहुत अनमोल हैं और एक-एक क्षण निकलता जा रहा है तो हमें इन क्षणों का सदुपयोग करना है

  • अपने बढ़ते स्वास्थ्य को संयमित करने में

आजकल ज्यादातर लोग बाहर का खाना पसंद करते हैं जिससे उनका स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होता है बढ़ते स्वास्थ्य से कितनी ही बिमारियां होती है तो हमें खाने-पीने पर नियंत्रण की परम आवश्यकता है अगर हम एक स्वस्थ जीवनशैली जीना चाहते हैं तो खान-पान पर नियंत्रण रखें अगर हम देखें जो अभिनय के क्षेत्रों से जुड़े लोग हैं वो अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखते हैं वो काफी संतुलित आहार का सेवन करते हैं जिससे कितनी भी उनकी आयु हो युवा ही दिखते हैं अगर हम साधू -संत की बात करें तो उनका आहार भी काफी संयमित होता है लेकिन उनके चेहरे का तेज आलौकिक होता है अगर हम संतुलित आहार का सेवन करें तो हम स्वस्थ और बिमारियां से मुक्त रहेंगे अपने स्वास्थ्य को लेकर आप गंभीर है तो इन सब से प्रेरणा ले सकते हैं

  • जीवन के दैनिक परेशानियों में

जीवन है तो परेशानियां तो होगी ही सुख और दुःख जीवन इन्हीं दो पहियों पर चलता है पर कभी -कभी हम थोड़े से बदलाव से जीवन में होने वाली बड़ी परेशानियों से बच सकते है जीवन मे ज्यादातर परेशानियां आर्थिक होती है कुछ परेशानियों मानसिक होती है और कुछ सामाजिक इन सारी समस्याओं का समाधान केवल हम किसी से प्रेरणा लेकर खुद की इच्छा शक्ति के विस्तार से इन परेशानियों को चुनौती के रूप में स्वीकार करके इनपर विजय प्राप्त कर सकते हैं कोई भी परेशानियां उतनी बड़ी नहीं होती जितना बड़ा हम उसे अक्सर समझ बैठते हैं दूर से जो हमें पेड़ से लिपटा सांप नजर आ रहा है और अगर हम हिम्मत करके उसके सामने जाएं तो वो एक रस्सी निकलती है तो जिसे हम बहुत बड़ी समस्या समझ रहे थे अगर उसका सामना हिम्मत से करें स्वयं को प्रेरित करके तो उस परेशानियां पर आराम से विजय प्राप्त की जा सकती है

  • मै तब तक असफल नहीं हूं जब तक मुझे नहीं लगता
  • खुद की क्षमताओं को जगाना ही सच्ची सफलता है
  • मेरा जन्म जीतने के लिए हुआ है और छोटी सी हार मेरे जीत की राह में बांधा नहीं बन सकती है
  • जीत का भाव मन में हो विचारों में हो तो विजेता तो हम ऐसे ही बन गये
  • संसार मे कोई भी हार इतनी बड़ी नहीं है जो मुझे हरा सके
  • मै अपनी हार को जीत की एक नयी शुरुआत मानता हूं
  • जीत मेरे लिए वस्त्र के समान है सत्य मेरे लिए आंखों के समान है प्रेम मेरे लिए सांस लेने की क्रिया है और शांति  मेरी आत्मा है
  • हारने का भय मुझमें नहीं है इसलिए मेरे जीत की संभावना बहुत प्रबल है
  • मै सौ बार हारना स्वीकार कर सकता हूं बस इस शर्त पर कि अंतिम विजय मेरी ही होगी
  • मै तब तक कोशिश करूंगा जब तक मैं सफलता प्राप्त नहीं कर लूं 

जीवन में खुद को प्रेरित करने के लिए हमें सदा सकारात्मकता रुप से कार्य करना होगा और सदैव सीखने की प्रक्रिया पर निरंतर कार्य करना होगा हमें उन लोगों से प्रेरणा लेनी होगी जो जीवन में कठिन मेहनत करते हैं हमे उन लोगों से भी सीखने की आवश्यकता है तो सदैव बुद्धि का प्रयोग करते हैं हमे सदैव इतिहास को पढ़कर जिन लोगों ने गौरवशाली इतिहास बनाया है उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है ताकि हम खुद को प्रेरित करके लोगों को प्रेरित कर सके 

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