Love shayari In Hindi For Girlfriend | प्यार ना बिखरने पाए

Love shayari In Hindi For Girlfriend | प्यार ना बिखरने पाए

इश्क़ का ये कौन सा मकाम था
हर ओर इल्जाम ही इल्जाम था
दो पल नहीं था साथ गुजारने के लिए
मगर मचा हर ओर कोहराम ही कोहराम था
काश तुम हाथ थाम लेते तो
जीवन हर पल नहीं कोई संग्राम था

दिन रात हमारे ही विचारों से क्यों उलझे रहते हैं
ये नफरत भी बड़ी शिद्दत से निभाई है आप ने


लोग मिलते हैं बिछड़ जाते हैं
साथ यही तक रहता है पर
मै तुम्हारा साथ तब तक चाहता हूँ
जब भी मुझे वापस आना पड़े
इस धरा पर तब मै सिर्फ तुम्हारे लिए ही आऊं
जब भी मै इस दुनिया से उस दुनिया में जाऊँ
वहाँ भी मै सिर्फ तुम्हारे लिए ही जाऊँ
जीवन इस दुनिया में हो या फिर उस दुनिया में
दुनिया चाहे कोई भी क्यों ना हो
पर हर जगह मुझे सिर्फ तुम ही चाहिए
अकेला ना मै इस दुनिया में रह पाऊँगा
और ना ही उस दुनिया में रह पाऊँगा
बस ये साथ ऐसा चाहिए जो हमेशा
कायम रहे जो कभी भी ना टूटे
क्या तुम ये साथ निभाने का वादा करती हो
फैसला तो तुम्हे ही करना है
एक तरफ प्रेम का अंत है तो
दूसरी तरफ प्रेम अंतहीन है

बस ये साथ ऐसा चाहिए जो हमेशा कायम रहे जो कभी भी ना टूटे
क्या तुम ये साथ निभाने का वादा करती हो


हमारा घर हमारी प्रतिक्षा कब से कर रहा है
मेरी खातिर एक बार तो चलो अब
घर हमारा है उसे उजड़ने से पहले
हमे अपने घर को बचाना ही होगा अगर
ये घर उजड़ गया तो फिर
बचाने के लिए फिर कुछ भी ना बचेगा
मेरी खातिर ना सही तो कम से कम
अपने घर की खातिर तो आ जाओ
जहाँ हमारे बहुत से सपने जी
उठने के लिए अभी बाकी है
इससे पहले की घर उजड़ जाए
घर उड़ने से पहले इस घर को बचा लो

मेरी खातिर ना सही तो कम से कम अपने घर की खातिर तो आ जाओ
जहाँ हमारे बहुत से सपने जी उठने के लिए अभी बाकी है



ये पीला रंग कैसे बचेगा अब
इस रंग का उजड़ना मुझे अच्छा नहीं लगेगा
कुछ कहे भी तो कहे क्या इन दीवारो से
कहाँ पड़ी है अब इस रंग को
उजड जाने से बचाने की
शायद ये रंग नहीं जीवन है मेरा
जो शायद अब बिखर रहा है
धीरे धीरे करके
इसकी परतें दीवारो से ऊखड़ कर
जमीन पर गिर रही है आहिस्ता आहिस्ता
शायद धीरे – धीरे इस रंग का अस्तित्व
गुम हो रहा है ये बदकिस्मती नहीं है तो और क्या है

शायद ये रंग नहीं जीवन है मेरा जो शायद अब बिखर रहा है
धीरे धीरे करके इसकी परतें दीवारो से ऊखड़ कर जमीन पर गिर रही है आहिस्ता आहिस्ता



अगर इश्क़ करो तो खूल कल करो
घुट घुट कर जीने का फायदा क्या है
आपस में अगर मिल ना सके तो कायदा क्या है
तुम्हे पाने से इस जहांन में जायदा क्या है
तुम जानती हो इस बेचैनी का हल क्या
जो आज करना है उसके लिए कल क्या है

तुम जानती हो इस बेचैनी का हल क्या
जो आज करना है उसके लिए कल क्या है



तेरी यादो का बोझ ना होता तो हम
आजाद होते हर निगाह से
दर्द भरे दिल से निकलते आह से
दम तोड़ती पल पल चाह से
तुम्हारे लिए तो कई रास्ते हैं
हमारा रास्ता नहीं हमारी मंजिल थे तुम
एक बार भी नहीं सोचा
बिजलियां गिराने से पहले

तुम्हारे लिए तो कई रास्ते हैं
हमारा रास्ता नहीं हमारी मंजिल थे तुम



तुम हजार बार रूठते तो
मै तुमको हर बार मना लेता
मगर इस दफा तुमने हमे ही
रूठने पर मजबूर कर दिया
तुम हमे मनाओगे इसकी
जरा सी भी हमे उम्मीद नहीं

इस दफा तुमने हमे ही रूठने पर मजबूर कर दिया
तुम हमे मनाओगे इसकी जरा सी भी हमे उम्मीद नहीं




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