Best motivational poems in hindi about success|2022 सफलता पर कविता|powerful motivation

जीवन एक चुनौती पर कविता

ये जो रात थी कुछ अधिक ही गहरी थी बस अब सवेरा होने ही वाला है

माना काली रात बहुत लंबी हो गयी

मै अंधेरे में कितनी बार गिरा

कितनी चोटे आई मुझे अंधेरे में

लेकिन हर बार उठ कर मै रोशनी की

बस एक किरण की तलाश करता रहा

मुझे लगता था बस अब सवेरा होने ही वाला है

लेकिन ये जो रात थी कुछ अधिक ही गहरी थी

मै कितना भी देखने की कोशिश करता पर

हर बार अंधेरे में मुझे मेरे हाथ भी नहीं दिखाई देते

लेकिन मैने दूर हल्की सी लालिमा देखी है

अब ऐसा लगता है सवेरा जल्दी ही होगा

जहाँ सूर्योदय मेरे उन तमाम चोटो का अंत करेगा

जो अंधेरो में बेहिसाब मुझे लगी है

एक पल के लिए लगा शायद ये रात

कभी खत्म ही ना होगी

लेकिन दूसरे पल ये लगा

दुख के बाद सुख आता है तो

फिर रात के बाद दिन कैसे नहीं आएगी

बस अब मै अपनी आंखों से

उस सूरज को निकलते हुए देखना चाहता हूँ

जिसे ना देखने के लिए

अंधेरो ने मुझे बहुत जख्मी कर दिया

लेकिन मुझे यकीन है मै आकाश में

निकलते उस सूर्य को अवश्य देखूँगा

क्योंकि ये उदय केवल सूर्य का ही नहीं

बल्कि मेरा भी होगा

स्वयं पर कविता

मन से मत हार कभी क्योंकि तू ही खूद है अपनी पराजय के विरुद्ध सबसे बड़ा हथियार

सूरज से जलना सीखो

अंधेरो से पल -पल लड़ना सीखो

लाख अंधेरा क्यो ना हो सामने

उन अंधेरो में चलना सीखो

क्या हुआ जो थम गये तुम

दुख के पीड़ा से जम गये

उन कठिनाईयों मे ही पलना सीखो

होगा दूर अंधेरा जीवन से

कमल हो तुम कीचड़ को भी

बदन में मलना सीखो

विफलताओं के जंग जीतने के है पूरे आसार

जीतने के लिए हो जा तैयार

मन से मत हार कभी क्योंकि

तू ही खूद है अपनी पराजय के

विरुद्ध सबसे बड़ा हथियार

सज हो जाओ हो जा अब तू तैयार

जीत का खुलने वाला है अब स्वर्ण द्धार

कर्म करने की प्रेरणा देने वाली कविता

प्रयत्न पर कविता

विफलता और परेशानियां ही तो एक साधारण मनुष्य को बनाती है महान

असफलताओ की गाथाओं से भी

कितना ऊंचा होता है मान

इन असफलताओ से सीखा है मैने

लक्ष्य करने का संधान

तुनीर में एक से बढ़कर एक बाण है शेष है अभी

फिर भी इस बार हार से ही मिला मुझे

जीतने का जीवन में उचित ज्ञान

विफलता और परेशानियां ही तो

एक साधारण मनुष्य को बनाती है महान

उत्साह पर कविता

आओ मेरी पराजय तुमको भी सामने से आज देख लेते हैं

मन से जो हारा वो जग से हारा

फिर बन जाता वो खुद ही बेसहारा

जीतने के लिए जो हो रहें हैं तैयार

विफलताओं के जंग को चीर कर

खोले सकते हैं केवल वही विजयी द्धार

आओ मेरी पराजय आज देख लेते हैं

तुमको भी सामने से

किसके भीतर है कितनी धार

जीवन एक चुनौती पर कविता

आगे बढ़ने पर कविता

तुझे तेरा एक नया आसमान मिलेगा सूरज की किरणों में अब तू ही सुबह और शाम मिलेगा

मेहनत करने का जुनून है तुझमे तो

तेरी मेहनत को सफलता का ईनाम मिलेगा

आकाश में नजरें उठा कर तो देख

बादलो को चीरता हुआ

तुझे तेरा एक नया आसमान मिलेगा

सूरज की किरणों में अब तू ही

सुबह और शाम मिलेगा

कौन है जो रोक ले तेरी विजय रथ को

शायद अब तेरी असफलताओ को भी

उसका सर्वश्रेष्ठ स्थान मिलेगा

तेरी पीड़ा पराजय को भी गर्व होगा तुझ पर

उनकी खोती श्वास को भी

नये स्वर्णिम जीवन का उचित स्थान मिलेगा

नई ऊर्जा पर कविता

हार क्या है बस उसकी एक गर्जना से हवा हो जानी हैं

जो आग बुझ चुकी है उसे मुझे सुलगाना है

उस नरसिंह को आज मुझे जगाना है

उसकी भीषण गर्जना इस जहां को सुनाना है

जाग जाए जो सो रहा है अब तक

जिसकी नींद बहुत खानदानी है

वो भीतर का शेर जीत की निशानी है

हार क्या है बस उसकी एक गर्जना से

हवा हो जानी हैं

हार बस पल दो पल की बाधा है

ये बात अपने शब्दों में सबको समझानी है

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