कामयाबी की बुनियाद है नजरिया जीवन में सफलता के लिए

कामयाबी की बुनियाद है नजरिया

सफलता खुद में ही एक नजरिया है हम सफलता को कैसे देखते हैं ये हमारा नजरिया है सफलता को देखने का नजरियाँ अपने लक्ष्य को एक मकसद के रूप में देखने जैसा है क्योंकि ये आने वाले अपने जीवन में एक बेहतर कार्य योजना बनाने में बेहतरीन भूमिका निभाता है क्योंकि अगर हम सफलता को पाने चाहते हैं तो हमें ये समझना होग की हमे जीवन में आखिर क्या हासिल करना है और अगर हासिल करना है तो क्यों उसे हासिल करना है और अपने अनुमान के अनुसार कब तक उसे हासिल कर सकते हैं

क्योंकि अगर कुछ हासिल करने की वजह अगर जीवन में सबसे बड़ी हो और उसका आपके खुशियों से गहरा संबंध है तो उसे हासिल करने के लिए हमे सफलता के नजरिए से हर चीज को देखने और समझनी होगी क्योंकि अगर आप सफलता पाने के लिए मेहनत पूरे दिल से करते हैं तो ये सफलता आपको महान बना देती है क्योंकि जीवन में असफलता इसलिए नही मिलती की लोगों में काबिलियत नहीं थी उन्होंने कोशिश नहीं की बल्कि उनके असफलता का मूल कारण उनका लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कितना मजबूत इरादा दिखाया है कितना समर्पण दिखाया है क्योंकि अगर समर्पण और मजबूत इरादों का संतुलित रूप से अगर आप इसका उपयोग नहीं करते हैं तो आपको असफलता हाथ लगेगी इसलिए अपने नजरिये को बिल्कुल नये अंदाज में अपने लक्ष्य की प्राप्ति में शामिल करे आप अवश्य सफल हो जाएगें

अच्छा नजरिया अच्छी सफलता

  • आप चाहते हैं कि आपके साथ -साथ आप के आसपास के लोग भी सफल हो तो मेरे नजर में ये सफलता का सबसे खूबसूरत नजरिया है
  • केवल आप ही सफलता पाना चाहते हैं और चाहते हैं कि सभी आप के पीछे ही रहे ये भी एक नजरिया है
  • किसी भी किम्मत पर सफलता पाने का नजरिया
  • दूसरों की सफलता से ईष्या रखकर उससे अधिक सफल होने का नजरिया
  • अगर जीवन में आप असफल है तो अपने आस-पास के लोगों की सहायता करके उन्हें सफल बनाने का नजरिया ये तो मात्र कुछ उदाहरण है संसार में विभिन्न प्रकार के लोग हैं और सबका अपना-अपना अलग नजरिया है सफलता के बारे मे लेकिन जो नजरिया खुद के साथ औरो को भी सफल बनाने की बात करें तो हमें ऐसे नजरिया के लोगों से सीखने के लिए काफी कुछ मिल सकता है जीवन में हम कुछ ऐसा सीख सकते हैं जो हमारे जीवन का उद्देश्य और दिशा दोनों बदल दे 

 

खुद हूं असफल इसलिए सफलता की बात करता हूं

चलो आज मैं खुद से ही खुद की शुरूआत करता हूं

कब तक रोक सके अंधियारा सूरज को 

इसलिए मै सूरज के ही पास चलता हूं

आज क्यों ना मैं सबों को छोड़कर खुद से बात करता हू 

जीवन में सफलता के लिए नजरिया का कितना महत्व है

अपने घर में या भी अपने दोस्तों में अपने समाज में अपने दफ्तर में अपने आस-पास के लोगों को उनके खुद के नजरिए से सफलता देखने के लिए प्रेरित करने कि आवश्यकता है जीवन में हम अक्सर देखते हैं कोई किसी की सुनने को तैयार नहीं है हर बात में ये सुनने को मिलता है मै कुछ करूं  हमारे समाज में सबसे बड़ी खामी ये है कि सारे माता-पिता अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चे से करते हैं कि उसने ये किया तुमने क्या किया जरूरत है उस बच्चे को आजादी देने की थोड़ा समय देने की ताकि वो जो बेहतर तरीके से कर सकता है उसे कर सके यही चीज प्रेम में भी लागू होती है उसे समय दे उसने आप के बारे में कुछ न कुछ जरूर सोचा होगा उसका साथ दे उसका हौसला बढ़ाये क्या पता आप उससे जो उम्मीद कर रही है उससे भी बेहतर जीवन वो आप को दे दें

उसे ना जलाओ जो खुद ही आग है

भले ही जुदा है वो सूर्य से 

है वो तो सूर्य का ही भाग है

जीवन में धैर्य और खुद पर भरोसा होना चाहिए कोई कुछ भी कहे उसे आप को फर्क नहीं पड़ना चाहिए  कोई आप की परवरिश तो नहीं कर रहा ना ही रोज लाकर सुबह शाम भोजन दे रहा है ना ही आप को धन दे रहा है तो है कौन वो जिसकी बात सुनकर हम दुःखी हो जाए सीधा और स्पष्ट सी बात है अपना रास्ता स्वंय तय करें किसी को देखकर नही बल्कि खुद की काबिलियत पर 

 सकारात्मक विचार के लिए अपना नजरिया बदले

  • सफलता एक मात्र अध्याय है खुद की सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए
  • सफलता केवल सामाजिक और व्यवसायिक और आर्थिक नहीं होती बल्कि इससे कहीं ऊपर आंतरिक होती है
  • सफलता मानसिक बंधनों से मुक्ति ही तो है
  • सफलता परिवर्तन के अधीन नहीं होती वो तो स्वयं ही परिवर्तित होती रहती है
  • कर्मों के सच्चे रूप से निर्वाहन ही सफलता का आधार है
  • सफलता पाने के लिए कभी अपनी नैतिक मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए
  • जीवन की विषमताओं पर नियंत्रण ही सफलता है
  • सफलता अग्नि के समान है इसे अगर नहीं संभाल पाए तो तुरंत ही बुझ जाती है
  • लोगो के नैतिक मूल्यों के लिए लड़ना भी तो सफलता ही है
  • हम जब तक खुद को सफल माने तब तक हम असफल नहीं है 

सबसे बड़ी सफलता उसे कहते हैं जिस सफलता में सबसे लिए कुछ न कुछ अवश्य हो जिसमें किसी की सफलता पर हर किसी का भविष्य सुनिश्चित हो तो जो खुद भी सफलता की चाह रखता है तथा औरों को भी सफलता चाहता है जो निस्वार्थ भाव से केवल सब की सफलता में ही अपनी सफलता देखता हो ऐसा नजरिया ही तो हम सब को चाहिए समाज और देश को सफल और आत्मनिर्भर बनाने के लिए जीवन में केवल खुद के लिए नहीं अपितु सबके लिए प्रयास करना चाहिए क्योंकि सफलता का फल तभी मीठा लगता है जब सब उसे बराबर रूप से चखे और उस पेड़ को ज्यादा से ज्यादा लगाए जिसका लाभ अधिक से अधिक सभी लोग ले सके जीवन में सफलता का असली महत्व तो सबसे साझा करके ही तो प्राप्त होता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *