सकारात्मकता की शक्ति ही सकारात्मकता सोच

सकारात्मकता क्या है अपने बुरी आदतों से अपने नकारात्मक ख्यालों से दूरी बनाकर सही आदतों की ओर अग्रसर होना सकारात्मकता विचारों को अपनाना ही तो सकारात्मकता है हम जब सकारात्मकता होते हैं तो अक्सर हर किसी के साथ बहस से बचते है अपनी गलतियां मानने लगते हैं जिन्हें हमसे शिकायत है हम उन्हें दूर करने की कोशिश करते हैं हमेशा मन में सहयोग की भावना रहती है लोगों की आलोचना करने से बचते हैं सामने वाले व्यक्ति को सम्मान देते हैं खुद भी और औरों को भी सफलता के लिए प्रेरित करते रहते हैं जीवन में मधुरता लाने की कोशिश करते हैं हर कठिन कार्य करने में भी खुद को सहज महसूस करते हैं यही तो सकारात्मकता है

 सकारात्मक बदलाव की तलाश है

वक्त मुझमें विश्वास है

ये तो अपनेअपने नजरिये की बात है

मुझमे तो सुख का एहसास है

हर हार का बोझ तले नही दबा विश्वास है

रचने के लिए तो हर दिन ही इतिहास है

सकारात्मकता क्या है 

 नकारात्मकता के बोध से सदा के लिए बाहर आना ही सकारात्मकता है उस विचार को पीछे छोड़ना जो हमें पीछे छोड़ने का कार्य करती है सकारात्मकता कैसे कार्य करती है और ये कितने प्रकार की होती है इसे जानने से पहले हमें कुछ पंक्तियां को पढ़ना चाहिए जिससे हमें कुछ करने की प्रेरणा मिले सकारात्मकता जो हमें ये हर पल एहसास दिलाती है कि हां कोई भी कार्य कितना कठिन हो पर मैं कर सकता हूं हिम्मत कर्मठता और जुझने की ताकत ने ही बड़े-बड़े किलो को फतह किए है 

सकारात्मकता कैसे कार्य करती है 

जब हम असफल होते हैं तो हम कहते हैं कि ये मेरे बस का नहीं है या फिर ये मुझसे नहीं होगा लेकिन उनका नजरिया उन्होंने कहा कि मैं ये नहीं कहूंगा कि मैं हजार बार असफल हुआ बजाय इसके मैं ये कहूंगा कि मुझे हजार ऐसे रास्ते पता है जिसमें चलकर आप सफल नहीं हो सकते कितनी सकारात्मक सोच है फर्क सिर्फ देखने के नजरिए का है सभी का मानना था उनसे ये कार्य नहीं होगा मगर उस महान शख्सियत के इस कथन में आशाओं को जगाया उन्होंने यह बताया कि उन्हें निराशा में आशा की तलाश कैसे की जाती है यही तो सकारात्मक नजरिया है किसी चीज को ना होने से होने में बदलना ही तो सकारात्मकता है सकारात्मकता की सोच ही हमारा आने वाला भविष्य तय करता है हमारे सैनिक उन इलाकों में जहां तापमान का स्तर शून्य से भी कम रहता है या फिर सबसे गर्म इलाकों में घने जंगलों में बीच समुद्र में हर एक कठिन स्थानों पर तैनात रहते हैं फिर भी अपने कार्य को बखूबी अंजाम देते है क्योंकि उनकी सोच सकारात्मक होती है और उनका अनुशासन ही उन्हें कर्मठ और सफलता बनाता है

 सकारात्मकता के लिए कुछ महत्वपूर्ण चीजें का पालन अवश्य करना चाहिए

  • अनुशासन
  • धैर्य 
  • एकाग्रता
  • परिवर्तन को स्वीकार करना
  • मुस्कुराते रहना
  • दूसरो का सम्मान करना
अनुशासन 

हमें किसी कार्य को किस तरीके से और किस विश्वास से करना है ये समझाती है अनुशासन ही हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करती है और हमारा व्यवहार पूरी तरह से हमारे अनुशासन पर निर्भर करता है अनुशासन के पथ पर चलकर अयोध्या के राजकुमार श्रीराम से मर्यादा पुरुषोत्तम राम बन गये मोहनदास करमचंद गांधी महात्मा गांधी बन गये क्योंकि उन्होंने अनुशासन को सबसे ज्यादा महत्व दिया

धैर्य 

ये मनुष्य की सबसे महान क्षमता है क्योंकि अगर आप में धैर्य है और आप ने दिल से मेहनत कि है तो फल अवश्य मिलेगा बचपन में आप ने दो कहानी अवश्य पढ़ी होगी एक लोमड़ी की जिसमें धैर्य नहीं है और ना ही उसने मेहनत की है फिर भी अंगूर का लालच है उसे बिना प्रयास किए हुए ही अंगूर खाने को चाहिए जो कि उसे खाने को नहीं मिला क्योंकि बिना प्रयास किए कुछ नहीं मिलता इस संसार मे तो उसने यही शब्द कहां खट्टे अंगूर कौन खाये

 एक कौवे की कहानी जो बहुत प्यासा है पर उसमें धैर्य भी है और बुद्धिमानी भी है उसे पता है कि उसकी चोंच घड़े के अंदर नहीं जा सकती तो उसने धैर्य रखा मेहनत की एक-एक कंकड़ घड़े में डाला और अंत मे पानी तक उसका चोंच पहुंच गया उसके प्रयास में धैर्य और मेहनत दोनों थी उसने छोटे-छोटे प्रयासो से सफलता प्राप्त कर लिया

एकाग्रता 

ये बहुत से लोगों के लिए बहुत मुश्किल होता है क्योंकि वो किसी चीज में खुद को एकाग्र नहीं रख पाते थोड़ी सी समस्या होती है तो हम जो काम करते हैं चाहे वो दफ्तर मे हो या घर में हम उस चीज से भागने लगते हैं एकाग्रचित्त होकर डर का जब भी किसी ने सामना किया है तो वो अवश्य सफल हुआ है हमें एकाग्रचित्त होना है तो हमारे आस-पास ऐसे कितने ही उदाहरण है जो परेशानी से लड़ते-लड़ते एकाग्रचित्त भाव से सफल हुए

परिवर्तन 

परिवर्तन को स्वीकार करना ही सबसे बड़ी बहादुरी है हम किसी दफ्तर में काम करते हैं अचानक हमें किसी दूसरे विभाग में या फिर कोई और कार्य दिया जाता है करने के लिए तो हम उस कार्य से बचने की कोशिश करते हैं मैं सब की बात नहीं कर रहा पर अधिकाशं लोगों में यही समस्या है और जिस दिन हमने उस डर को नकार दिया और उसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया ये सोचकर कि कुछ अपने कार्यकाल में नया सीखने को मिलेगा तो ये विश्वास और मजबूत होगा और किसी भी परिवर्तन से लड़ने का साहस हम प्राप्त कर चुके होंगे चाहे जीवन में कैसी भी आर्थिक परिस्थितियां ही क्यों ना हो क्योंकि हम चुनौतियों से सामना करना सीख चुके होंगे

मुस्कुराते रहना 

ये हमारे जीवन स्तर को काफी बढ़ाता है और इससे हमें अक्सर फायदा ही होता है क्योंकि जब आप मुस्कराते हैं तो आप का आत्मविश्वास झलकता है सामने वाला चाहे वो संसार का कोई भी व्यक्ति क्यों ना हो आपसे प्रभावित अवश्य होता है वो आपके सामने जाहिर ना करें पर आपकी मुस्कान वो कभी नहीं भूल सकता क्योंकि जब आप किसी से मुस्कुरा कर मिलते हैं तो आप उसमे एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार उस व्यक्ति में करते हैं जिससे वो प्रभावित होता है

दूसरो का सम्मान 

ये आप पर निर्भर करता है कि आप किस तरीके से लोगों को सम्मान देते हैं सम्मान वो वृक्ष है जो आपको अवश्य फल देगा आपके बुरे वक्त में वो लोग आपके सम्मान के लिए आपसे पहले आयेंगे जिनको आपने दिल से जीवन मे सम्मान दिया है चाहे वो छोटे हो या बड़े इसलिए जीवन में हर किसी का चाहे वो मनुष्य हो या पशु पक्षी सबका सम्मान करें दूसरों के बातो पर मत दो ध्यान जो सच्ची बात करें हमें उससे और उसके अनुभवों से सीखने का मौका मिले तो सीखना ही चाहिए मगर केवल सकारात्मक बातों को नकारात्मकता उनके पास ही रहने दो

          मुझ से ना पूछो कि उड़ान कहां तक जाती है

           मिट्टी से लेकर आसमान तक जाती है

           खामोशी से लेकर तूफान तक जाती है

           उदासी से लेकर अरमान तक जाती है

 सकारात्मकता के संबंध में कुछ प्रेरणादायक कथन
  • सकारात्मकता ही सत्य है जो कभी हमें निराश होने नहीं देती है
  • सकारात्मकता सफलता के ग्रंथ के हर अध्याय में आने वाला प्रमुख वाक्य है
  • अगर हमें सफल होना है तो अपने मन के भीतर की आंतरिक जंग में सकारात्मक पक्ष को ही मजबूती देनी होगी
  • सकारात्मकता शांति है और नकारात्मकता हिंसा
  • सकारात्मक भाव से किया गया हर कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होती है
  • भय से मुक्ति ही तो सकारात्मकता है
  • जहां भय नहीं है वहां देवताओं का वास होता है
  • हर असंभव कार्य तभी संभव होता है जब नजरिया सकारात्मक हो
  • भय जीवन में कुछ करने नहीं देती और निर्भयता सब कुछ हासिल करने की क्षमता रखती है 
  • सकारात्मकता में सदैव प्रकृति भी अपनी भागीदारी देती है 

जीवन में सकारात्मक सोच होने के साथ अनुशासन धैर्य प्रेम एक-दूसरे के प्रति सम्मान जैसी भावना हो तो वो मनुष्य समाज में सदैव प्रतिष्ठा ही प्राप्त करता है और लोगों के जहन में एक शानदार उदाहरण के रूप में उभरता है हर दिन कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है आवश्यकता है बस सीखने की और जीवनशैली में कुछ सकारात्मक बदलाव और कुछ कार्यो पर गंभीरता पूर्वक ध्यान देखकर सुखद जीवन की नींव तैयार कर सकते हैं

सकरात्मक सोच क्यों रखनी चाहिए?

सकारात्मक की सोच सफलता की शर्त है इसे हमे अच्छी तरह से समझने की जरूरत है क्योंकि जब हम बड़ा सोचते हैं तभी हम बड़ा करने के लिए खुद को प्रेरित करते हैं क्योंकि ज्यादातर छोटी सोच ही हमे अक्सर बड़ा करने से रोकती है क्योंकि हमे असली मायने में इन छोटी सोच से बाहर आना है जो हमे बाहर आने से रोकती है किसी ने सच ही कहा है सफलता का संबंध इंसान के आकार से नहीं होता बल्कि उसकी सोच के आकार से होता है सफल लोगों के जीवन को आप जितनी गहराई से देखेगे की उस सफल मनुष्य के सोच का ही आकार है जो उसके जीवन शैली उसके धन उसकी संतुष्टि और उसके सुख का आकार इसी पर निर्भर करता है क्योंकि बेहतर जिंदगी के लिए बेहतर सोचना होगा

सकारात्मकता क्या है?

सफलता और सकारात्मकता का अटूट रिश्ता है क्योंकि सफल होने के लिए यह विश्वास करना पड़ता है की आप सफल होगे हर हाल में और इसका कारण सिर्फ सकारात्मकता ही है जो हमे सफलता के रूप में मिलता है सकारात्मकता का मतलब बड़ा सोचकर बड़े परिणाम हासिल करना ही तो होता है सकारात्मकता ही तो दिमाग में अच्छे विचार देता है सकारात्मकता ही हमे अपनी सफलता की योजना बनाने के लिए प्रेरित करता है जीवन में असफलता की बिमारी का इलाज भी तो सकारात्मकता ही है जीवन में डर भगाने के लिए हमें कर्म करने पड़ते हैं और कर्म करने की ताकत हमें अक्सर हमारी सकारात्मकता देती है हम सकारात्मकता के ही जरिये अपने जीवन के हर महत्वपूर्ण कार्य की योजना को सही रूप से कर पाते हैं

सकारात्मक सोच के द्धारा जीवन में परिवर्तन कैसे संभव है?

सकारात्मकता से शुरू होता है सफलता के सफर क्योंकि यही तो सक्सेस मंत्र है सफलता पाने के लिए सकारात्मक होना जरूरी है क्योंकि हम अपने जीवन को उत्थान की ओर ले जाते हैं या पतन की ओर इसे सिर्फ और सिर्फ हमारी सकारात्मकता अथवा नकारात्मक सोच तय करती है जब हम सफलता के लिए कार्य करते हैं तो हमे उसे और बेहतर तरीके से करने के लिए हमारी सकारात्मक सोच ही काम आती है हमे अपने बारे में कम से कम इतना जरूर पता होना चाहिए की हमारी सोच सकारात्मक है की नहीं क्योंकि ये केवल सकारात्मक सोच से ही संभव है हम छोटी -छोटी बातों में महत्वपूर्ण बातो की तलाश करे अपने दिमाग को सदा नकारात्मक सोच से बचाकर सकारात्मक सोच से खुद के प्रगति पर ध्यान देने की आवश्यकता है

सकारात्मक सोच क्या है और इसका महत्वपूर्ण उदाहरण सहित समझाइए?

सकारात्मकता की शक्ति ही सकारात्मकता सोच और सफलता के लिए उत्तरदायी होता है क्योंकि जीवन में सफलता केवल और केवल सकारात्मकता से आती है सफलता जब हम जीवन में कोई भी कार्य करे और हर उस कार्य के लिए बड़ी सोच रखेगे तो हम जीवन में अवश्य ही अपने विश्वास और सकारात्मकता के जरिये अपने हर सपने को पूरा कर लेगें इसलिए हमे सकारात्मक विचारों का उपयोग करना है इसे जीवन में बस विचार के रूप में जगह नहीं देनी है जिसे हम तुरंत ही भूल जाए इसे हमे जब तक जीवन है तब तक कायम रखना है खुद भी लाभान्वित होना है और औरों को भी लाभान्वित करना है

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