हर पल को बस जी लेना|greatest hindi poems of all time

मेरे लिए प्रेम तुम्हारी मुस्कान है

जब दिल से तुम खुलकर हंसती हो

जब तुम खुलकर नाचती हो

जब तुम खुलकर हर एक पल को बस जी लेना चाहती हो

उस तितली की तरह जो बस लहराकर उड़ती रहती है

उसे कोई खौफ नहीं होता वो घरों में भी उड़ती है और

बाहर भी उड़ती है लहराकर जहाँ तुम्हारे पंख कभी ना रूके

बस वो लहराते रहे हवा के साथ ताल मिलकर

बस बहते रहे जहाँ कोई बंधन ना हो

बस पंखो के उड़ने की बस आवाज सुनाई दे

वही तो मेरे लिए प्रेम की परिभाषा है

तुम्हारे लिए इसके अलावा मै और नहीं समझता और

ना ही समझना चाहता हूँ

जब तुम खुलकर हर एक पल को बस जी लेना चाहती हो

जहाँ दो लोग प्रेम से रहते हैं

वो जगह ही जन्नत बन जाती है

चाहे वो सूखा रेगिस्तान ही क्यों ना हो

वहाँ भी उन रेतो पर अगर कोई दो लोग

प्रेम से जीवन व्यतीत करते हैं तो

वो रेगिस्तान ही उनके लिए

किसी हरियाली से भी बढ़कर होती है

जीवन कहीं भी हो मगर वो हमेशा मुस्कुराएं और

वो मुस्कान सदैव प्रेम की हो

जहाँ की हवाएं बेहद गर्म भी हो लेकिन

ठंडक का एहसास दिलाएँ जहाँ सूर्य तपता हुआ ना लगे

बल्कि चंद्रमा सा शीतलता की बरसात करता हुआ

एहसास दिलाएँ वही तो प्रेम चाहिए

जीवन में जहाँ हम तुम हो

जीवन कहीं भी हो मगर वो हमेशा मुस्कुराएं

घर सोने के ईटों से बना हो

दीवारें चांदी की हो लेकिन वहाँ

कोई खुशी ना हो कोई प्रेम ना हो

हर पल मन में कोई मीठा एहसास ना हो

दिल में बेवजह की कोई गुनगुनाहट ना हो तो

फिर ये अनमोल घर एक चमक से ज्यादा कुछ नहीं

जहाँ प्रेम का अभाव हो प्रेम

सीमित और जरूरत की मोहताज हो

जहाँ प्रेम भी बोझ लगे तो फिर ऐसे घरो से

अच्छा वो छोटी सी झोपड़ी है

जहाँ दो लोगो के घर की दीवारें फूस की हो

जहाँ की जमीन मिट्टी की हो लेकिन

जहाँ प्यार सोने हीरो से भी कीमती हो

जहाँ प्रेम जीवन हो जहाँ मन सदैव आनंदित हो

बिना बात के प्रसन्नता हर ओर फैली हो

वही तो बस केवल वही तो है प्रेम भरा जीवन

प्रेम में डूबा जीवन और प्रेम से बहता हुआ जीवन

जिसमें हमेशा दो लोग प्रेम में बहते रहते हैं हमेशा

जहाँ प्रेम जीवन हो

जहाँ जीवन में कोई सीमाएं सीमित ना हो असिमित हो

जहाँ प्रार्भद और समापन प्रेम का हो

जहाँ ऊंचाई मायने ना रखती हो

जहाँ सिर्फ उड़ना मायने रखता हो

वही तो वो स्थान है जहाँ हमारे प्रेम की सुबह और शाम

निश्चित होगी एक दूसरे के साथ जहाँ बिछड़ना

कभी हो ही नहीं वहाँ सिर्फ अटूट बंधन की

वो मजबूत डोर हो जिसमें हम बंधे हो

वही तो घर होगा हमारा जहाँ इस संसार की बुराई भी

प्रवेश ना कर पाएंगी वहाँ केवल हंसी गूंजेगी

तुम्हारी और मेरी खामोशी में भी हम अपनी हंसी को

हर वक्त महसूस कर सके वो जगह ही जन्नत होगी

जहाँ हम तुम साथ होगे

एक दूसरे के साथ मजबूत डोर हो जिसमें हम बंधे हो

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