असफलता ही इंसान को सफलता का मार्ग दिखाती रहती है

असफलता को सफलता की कुंजी क्यों कहा गया है?

जब इंसान असफलता के डर का अनुभव करता है तो उनमें से कुछ इंसान हिम्मत खो देते है क्योंकि उन्होंने बड़ी जीत की चाह मे सबसे बड़ी हार देखी जिससे उनके हौसले टूट जाते है जबकि ठीक इसके विपरीत जब आपके अंदर जीत की इच्छा प्रबल होती है तो आप उस हार को स्वीकार करते है पूरे मन से आप इस हार का इस्तेमाल अपने लिए दूबारा बिल्कुल किसी हथियार के रूप मे करना चाहते है आप इस भावना को अपने जीवन की हर एक चीज मे शामिल कर लेते है आप के मन मे हार के प्रति गुस्सा है ये एक बहुत बड़ी चुनौती होती है आपके सामने जो आपको धीरे-धीरे रोमांचक लगने लगता है अब आप हतोत्साहित नहीं होते

क्योंकि अब असफलता आप को डरा नही रहा है बल्कि रोमांच आपके जीवन में भर रहा है जिससे अब आपके भीतर जीतने की इच्छा इस कदर प्रबल हो गई है की आप को अब सफलता चाहिए ही चाहिए क्योंकि कभी -कभी कुछ पाने की इच्छा जीवन मे किसी चीज का थोड़ा सा लालच आपकी हर असफलता का इलाज है जब डर और आशंका की तस्वीर विचारों को विचलित करने से सक्षम नहीं होती है तो सफलता नजदीक होती है

असफलता ही इंसान को सफलता का मार्ग दिखाती रहती है

शंकाएं हम सभी के मन मे होती है और निराशावादी व्यक्ति के मन मे डर और शंका इस कदर उसे प्रभावित करती है जिससे वो असफलत होने के लिए मजबूर हो जाता है अगर आप को सफल होना है तो पहले आप उन लोगों को देखे जो जीवन मे असफल हुए है उन्होंने क्या गलती की बस अपना ध्यान इस दिशा मे फोकस करें आप पाएंगे की उन्होंने अपना ध्यान केंद्रित नहीं किया था

लेकिन आप को एक बात पर गौर करने की सबसे अधिक आवश्यकता है की आप अपनी असफलता पर किस प्रकार बर्ताव करते है क्या आप क्रोधित हो जाते है चिड़चिड़े से हो जाते है तो आप का खुद पर नियंत्रण नहीं रहता है तो आप को दूसरी कोशिश मे भी असफलता ही मिलेगी लेकिन अगर आप असफलता को अपनी ही गलतियों के रूप मे देखते है और असफलता आप को फिर से जीतने के लिए प्रेरित करती है और आप जल्दी ही शुरुआत कर देते है तो आप की असफलता सफलता मे जरूर बदल जाएगी

असफलता को सफलता में कैसे बदले

जब आप जीवन मे दर्द भरी तकलीफों को शांत होकर सह लेते है तो आप उन दर्द तकलीफों के बहुत आगे निकल जाते है आप उन्हें पार करना सीख चुके होते हैं क्योंकि आप को जिस परिस्थितियों से सबसे अधिक डर लगता है वही वो केंद्र बिंदु है जिसे आप को सीख कर उसके पार जाने की जरूरत होती है क्योंकि हमारे आस-पास बहुत से ऐसे लोग है जो हर समय किसी न किसी परिस्थितियों से जूझते रहते है क्योंकि वे उस केंद्र बिंदु के पार नहीं जा सकते हैं एक योग्य इंसान ही सफल इंसान बन सकता है

क्योंकि अगर आप कें अंदर योग्यता आ गयी या फिर आपने योग्यता सीख ली तो आपकी प्रगति और सफलता को कोई नहीं रोक सकता बस आप जो भी कर रहे है उसमें महारत हासिल करने की आवश्यकता होती है उसे पूरे दिल से करने की आवश्यकता है बस आप सदैव जीवन मे अवसरों की खोज करें जिसे कोई और नहीं देख रहा हो क्योंकि संसार मे सफल वो लोग नहीं होते जो बहुत बुद्धिमान होते है बल्कि सफल केवल साहसी लोग ही होते है जिनमें साहस होता है कुछ भी करने का क्योंकि वो परिणाम की चिंता नहीं करते बस अपने कार्य पर ध्यान केंद्रित करते है यही आदत उन्हें सफल बना देती है

अपने जीवन में एक बड़ा विफलता का वर्णन और आप इसे कैसे संभाला

जब मै स्कुल मे पढ़ता था तो मेरे नंबर बहुत कम आते थे मेरे साथ मे पढ़ने वाले सभी बच्चों मे कुछ ऐसे थे जिनके अंक हमेशा कम ही होते थे उनमें से मै एक था लेकिन मै फेल नहीं होता था

ये क्रम मेरे 10+2 तक रहा और मुझे ये लगता था की शायद कभी मेरे नम्बर अच्छे आए लेकिन इसके साथ ही साथ मै एक बात ये भी जनता था की मै शुरू से लेकर अब तक ठीक से कभी मेहनत नही की लेकिन मुझे परिणाम बहुत अच्छे चाहिए फिर मैने स्नातक की पढ़ाई के दौरान मैने मेहनत की और मेरे नम्बर अच्छे आए जिसे देखकर मुझे पहली बार खुशी हुई मै समझ गया था की मै असफल इसलिए था की मै कभी सफल होना ही नहीं चाहता था और जब सफल होना चाहा और उसके लिए मेहनत की तो मैं सफल हो गया

यदि आपका मित्र असफलता से निराश हो गया है तो आप उसे उत्साहित करने के लिए क्या करेगें?

ऐसी परिस्थितियों में मै अपने निराश मित्र से यही कहूँगा मै नहीं जानता की मै अपने शब्दों की शुरुआत तुम्हारे सामने कैसे करूँ लेकिन मै भी इस परिस्थितियां का हिस्सा रह चुका हूँ और मै ये जानता हूँ की ये सब इतना आसान नहीं होता लेकिन मेरा यकीन मानो इतना भी मुश्किल ये नहीं हो सकता है क्योंकि ये बिल्कुल वैसा ही जैसे किसी छोटे बच्चे का बोलना लेकिन फिर भी बच्चा अपनी भाषा मे चीजों को समझाने की कोशिश करता है और एक दिन सचमुच में बोलने लगता है अब डगमगाने का समय नहीं है बल्कि संकल्पित होकर एक बार फिर सए उठ खड़े होने का है

असफलता से हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए

असफलता असल मे निष्क्रियता है और सफलता सक्रियता है आपके जीवन मे जिस का पक्ष मजबूत है आप जीवन में वैसे ही होगे अगर आप निष्क्रिय है तो आप अपने जीवन में असफल होगे और अगर आप सक्रिय है तो आप अपने जीवन में सफल होगे असफलता और सफलता एक विचार से ज्यादा कुछ नहीं है जीवन में अगर आप जिस विचार को खुद पर हावी होने देंगे आप का व्यवहार वैसा ही होगा अगर हम हर रोज बहुत ज्यादा न सही मगर अगर थोड़ा -थोड़ा प्रयास करे ईमानदार से तो उसका नतीजा हमे देखने को अवश्य ही मिलेगा

असफलता क्या है

असफलता अगर सच कहूं तो एक प्रकार की गलती है जो कभी अनजाने मे तो कभी जानबूझकर कर दोहराई जाती है अगर इसमें सुधार लगातार की जाती है तो फिर इसका प्रारूप बदल जाता है जो असफलता है वही सफलता का रूप ले लेती है लेकिन इसके लिए सबसे महान सूत्र है खुद को सुधारने की गति बनाएं रखना और उसमें लगातार सुधार करते हुए रहना , सबसे पहले हमे ये समझना है की हम जिस जगह पर कार्य कर रहे है हम वहाँ के मालिक नहीं है ये हमारा खुद का काम नही है ये तो किसी और का ही काम है जो हम कर रहे है चाहे वो सरकारी हो या फिर प्राईवेट कंपनी हमे इसके एवज में पैसे मिलते है पर क्या उन पैसे से हम पूर्णतः आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो गये नहीं हम अपनी कुछ जरूरत को अभी पूरा करेगें कुछ जरूरत को अगले महीने के मिलने वाली सैलरी से तो हम कैसे खुद के लिए काम कर रहे है और जिसका हमे लाभ मिल रहा है असल में यही तो सबके बड़ा भेद है यही असफलता है जहाँ हम अपने प्रयासों से नहीं बल्कि अपनी रोज की जरूरत से कभी स्वतंत्र नही हो पाते है

जिस दिन हम इन रोज की छोटी -छोटी जरूरतों से स्वतंत्र हो जाएगें उस दिन हम वाकई मे सफलता को प्राप्त कर चुके होगे क्योंकि हमे जीवन मे काश शब्द से छुटकारा पाना है ” काश मेरे पास पैसे होते तो मैं ” ये शब्द ही असफल बनाते है क्यो नही है इस पर गौर करने की आवश्यकता है और आप उसके लिए क्या कर रहे है इस पर प्रमुख रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है

असफलता से सफलता की कहानी असफलता से पायी सफलता 

असफलताओं से ही मिलता ज्ञान मन है बैरी तेरा खुद के प्रति

सच्चे मेहनत का जीवन में देख ले तू प्रमाण

सदा सकारात्मक रूप से हम कार्य करते हैं तो असफलता हमारे भाग्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि जिसे हम असफलता समझ रहे हैं वहीं हमारे जीवन में सफलता लेकर आती है हर सफलता की कहानी असफलता से शुरू होती है इसलिए आवश्यक है की असफलता से हम सीखें और अपने को तैयार करें जो कमी है उसके लिए मेहनत से कार्य करें और सफलता प्राप्त करे  

सफलता और विफलता के इलाज के लिए समान रूप  

सफलता और विफलता को अगर हम देखे तो जैसे सुख है तो दुःख है धूप है तो छांव है रात्रि है तो सवेरा है बस इतनी सी बात हमें समझ जानी चाहिए की बुरी परिस्थिति सदैव बनी नहीं रहती है सच्चे प्रयास के द्धारा परिस्थितियों में परिवर्तन होता है उदाहरण के लिए कोई विधार्थी किसी परीक्षा में असफल हो जाता है तो वह दूसरी बार फिर से परिक्षा की तैयारी में जुट जाता है और पिछले बार की अपेक्षा वे इस बार पहले से और अधिक मेहनत करता है सारे विषयों को ध्यान से पढ़ता भी है और उनकी बारिकियों को समझता भी है ताकि इस बार असफलता की कहानी दुबारा दोहराई न जाएं और अंततः वह सफल हो जाता है 

जब हम असफलता को एक और अवसर के रूप में स्वीकार करेंगे सुधार के लिए मिले एक और प्रयास के रूप में तो सफलता और विफलता हमें एक समान रूप सी ही प्रतीत होने लगेगी जो हमें सदैव स्थिर , धैर्यवान , परिस्थितियों का आकलन करने में सक्षम , मेहनती , अपने प्रयासों में एकाग्रचित्त होकर हर परिस्थिति को समान रूप से देखने वाली बनाती है  

कौन सा शब्द सफलता की जगह ले सकता है 

सफलता की जगह व्यक्ति का आत्मविश्वास उसका कभी नहीं हार मानने वाला रवैया हमेशा सकारात्मक सोच सदैव जीवन में हर परिवर्तन के लिए खुद को तैयार रखना तथा अपने हर फैसले पर विश्वास करना अपने बुराई को सुनकर केवल अपने कार्यों के द्धारा जवाब देना ही सर्वोपरि निति है ऐसे ही शब्दों का ज्ञान और उसपर निरंतर कार्य सफलता जैसे शब्दों की जगह नहीं लेता अपितु सफलता दिला देता है 

असफलता ही सफलता का आधार है विषय के पक्ष या विपक्ष में अपने विचार 

असफलता ही सफलता का आधार है इस विषय के पक्ष या विपक्ष में मेरे जो भी तर्क हो लेकिन उद्देश्य केवल इतना है की लोग जिस तरह सफलता को सिर पर रखते हैं उसी प्रकार असफल होने पर भी शोक नहीं मनाएं बल्कि उसके संबंध में अपने कार्य की विवेचना करें खुद से कहीं न कहीं ये सवाल अवश्य पूछे की जिस सफलता की मुझे सबसे ज्यादा जरूरत है क्या उस सफलता को पाने के लिए मैंने सचमुच में उतना प्रयास किया है आप के प्रश्नों का उत्तर आपको अवश्य मिलेगा बस ये प्रयास होना चाहिए की सफलता प्राप्त होने पर हम अति उत्साह में आकर अपने व्यवहार में अंहकार को कहीं जगह न दे रहे हो और असफल होने पर निराशा के भाव से खुद को मुक्त ही नहीं कर पाएं इसलिए सबसे आवश्यक है की वर्तमान परिस्थितियों का मूल्यांकन करें और उसके अनुसार सकारात्मक सोच और व्यवहार को जीवन में अपनाकर कार्य करें जिससे सफलता अवश्य मिलेगी भले ही आप असफल क्यों न हो

 

 असफलता का डर सफलता मे सबसे बड़ी बाधा है

असफलता का डर सफलता मे सबसे बड़ी बाधा इसलिए है की हम परिस्थितियों के आगे समर्पण कर देते है हमारे किए जाने वाले प्रयास मे भरोसे का आभाव सदा रहता है अगर आप गाथाओं मे विश्वास करते है और अगर आप उन्हें ध्यान से पढ़ते है तो आप पाएंगे की उन गाथाओं के सबसे महान किरदार के साथ एक समय ऐसा भी आता है जब उसे लगता है की वो घुटने टेक देगा वो परिस्थितियों के आगे हार जाएगा मगर फिर वो एक बार हिम्मत जुटा कर पूरे विश्वास के साथ खड़ा हो जाता है और अंत में अपनी सबसे बड़ी असफलता पर विजय प्राप्त करके सफलता प्राप्त कर लेता है जो भी दोष है जो आपको आगे बढ़ने से रोक रहे है आप उनमें सुधार करके अपनी सबसे ऊँची उड़ान उड़ सकते है असफलता से सीखने को प्रेरणा का ही प्रारुप कहते हैं

विपरीत परिस्थितियों में भी जीवन में सफल हुए 2 लोगों की जानकारी

विपरीत परिस्थितियों मे सफल हुए लोगों मे एक बात प्रायः समान होती है वो चोट खाये हुए जीवन की समस्याओं को झेल रहे आभाव ग्रस्त और भी बहुत सारी समस्याओं से जीवन मे जूझ रहे होते है लेकिन उनमें एक चीज जो उन्हें सामान्य से असमान्य बनाती है वो कभी हिम्मत नहीं हारना अपने लक्ष्य के प्रति संवेदनशील लगातार प्रयास करते रहना ऐसे ही मेरी नजर मे दो लोग है जो विपरीत परिस्थितियों में भी सफल हो चुके है

महात्मा गांधी और थामस एल्वा ऐडिसन

महात्मा गांधी ने एक ऐसा आंदोलन चलाया था जिसके बारे मे आज तक किसी ने भी कल्पना नहीं की थी उन्हें कठिन परिस्थितियों के सामना करना पड़ा फिर भी उन्होंने भारत को आजादी दिखाई

थामस एल्वा ऐडिसन जिन्होंने बल्ब बनाने के क्रम मे दस हजार बार असफलता पाई फिर भी अंत में सफल हुए क्योंकि इन्होंने विपरीत परिस्थितियों मे धैर्य कायम रखा खुद पर यकीन किया और सफल हो गए

असफलता से सफलता की कहानी

जब कोई जीवन मे कामयाब होता है तो बहुत से लोग ऐसे होते है जिन्हें शायद उनकी कामयाबी रास नहीं आती है वो उनकी बुराईयां शुरू कर देते है और अगर हम जीवन मे किसी भी सफल व्यक्ति के प्रति इस तरह के व्यवहार को प्रोत्साहित नहीं करते खुद को ऐसे हर निंदनीय कार्य से दूर रखते है तो हम उन बाधा पार कर जाते है जो मानसिकता की डोर होती है जो हमारे मानसिकता के आधार पर हमारा व्यवहार तय करती है भविष्य तय करती है उसमें हमे खड़े उतरते है जो आप जीवन मे लक्ष्य तय करते है और उनके अनुरूप आप कार्य करते हैं तो आप जीवन मे सफलता की ओर बढ़ रहे है क्योंकि असफलता एक पड़ाव है जहाँ से हमें सफलता का रास्ता तय करना होता है

क्योंकि जितने भी महान अविष्कार आज तक हुए है उसमें एक बार मे किसी ने भी सफलता नहीं पाई बार-बार असफल प्रयास करते- करते वो लोग थके नहीं बल्कि लगातार प्रयास करते रहे और अंत मे सफल हो गए

सफलता की पहली सीढ़ी

सच कहूं तो सफलता की पहली सीढ़ी है हमारा नजरियाँ है किसी कार्य को करने की सही वजह होनी चाहिए मन मे सकारात्मक नजरिया का बिल्कुल आभाव नहीं होना चाहिए तथा अपने कार्य के प्रति पूर्ण समर्पण दिखाने की जरूरत है अगर आप के पास ये सब है तो आप सफलता की पहली सीढ़ी से चढ़कर अब दूसरी सीढ़ी की ओर बढ़ रहे हैं

असफलता और सफलता में क्या समानता हो सकती है

1.असफलता और सफलता में फर्क कोशिश और मजबूत इरादों का है

2. सफलता पाने के लिए कोशिश जितनी मेहनत से करेंगे सफल होने के उतने प्रबल संभावनाएं हैं और जितना कम प्रयास करेंगे उतने असफल होने की संभावनाएं हैं

3. सफलता पाने के लिए चुनौती हमारे मन की क्षमताओं पर निर्भर करता है अगर हम चुनौती को हल्के में लेकर बिना विचलित हुए रोज प्रयास करते हैं तो हम अवश्य सफल होंगे और इन चुनौतियों से भयभीत हो गये तो अवश्य ही असफल होंगे

4. जब हम सफल होना चाहते हैं और परिवर्तनों से भयभीत हो जाते हैं तो सफल कैसे होंगे परिवर्तन को स्वीकार करके परिवर्तन को अपने अनुरूप ढ़ालना सफलता है और परिवर्तन से भयभीत होकर चुनौती से मुंह मोड़ना असफलता है

5. अपने अनुभवों से सीखते रहना दूसरे के अनुभव से भी खुद को भविष्य के लिए आकलन करना भी दूरदर्शिता को बतलाता है इसपर कार्य करके हम आने वाले चुनौतियों के लिए तैयार हो सकते हैं और इसे नजरअंदाज करके बैठकर अपनी असफलता पर किस्मत का रोना रो सकते है

 

असफलता को सफलता में कैसे बदले 

जब भी असफल हो जाएं तो खुद को असफलता के बोझ तले दबाएं नहीं बल्कि अपने व्यक्तित्व को और निखारने की कोशिश करें  अपनी उन कमियों को खोजने का प्रयास करें जिसकी वजह से आप असफल हो गये उन कमियों पर गंभीरता से कार्य करें और अपनी उन कमियों को खुबियों में तब्दील करने की पूरी कोशिश करें

जो आप की सबसे कमजोर कड़ी है उसे ही आप को अपनी सबसे मजबूत कड़ी के रूप में निखारने का प्रयास करना है जो चीज आप को भयभीत करती है वहीं निडरता देगी बस भरोसा अपने आप पर और अपने कोशिशों पर रखे 

जो कमजोरी है वहीं बन जाए ताकत हार के बोध से ऊपर उठना ही तो है वक्त की नजाकत

असफलता और सफलता 

1. हम जो कर सकते हैं वो सफलता है और जो नहीं कर सकते वो असफलता है

2. सफलता मनुष्य के कर्मों पर काम करती है असफलता मनुष्यो के किस्मत पर काम करती है

3. सफलता खुली आंखों से देखा जाने वाला एक सपना है असफलता बंद आंखों से भी ना देखे जाने वाला सपना है

4. सफलता भविष्य का निर्माण करती है असफलता खुद को इतिहास से भी वंचित रखती है

5. जीतने की आदत सफलता बन जाती है और हारने की लत असफलता  

6. असफलता कुछ न कुछ अवश्य सीखा कर जाती है

7. असफलता अगर सकारात्मक रुप में ले तो विश्वास के नींव पर सफलता बना देती है

8. सफल मनुष्य हर परिवर्तन के लिए तैयार रहता है

9. जीवन का असली मंत्र है चुनौती को स्वीकार करना और उसपर विजय प्राप्त करना 

10. हर दिन एक नयी शुरुआत होती है 

सफलता की सीढ़ी क्या है

जब कार्य केवल सकारात्मक रूप से किया जाए तो सफलता और असफलता मायने नहीं रह जाती क्योंकि जब कोई मनुष्य सकारात्मक रुप से कार्य कर रहा है तो वो अवश्य ही विजयी बनता है असफलता को अगर हम ध्यान से देखें तो वो हमारी ही गलतियों का परिणाम होता है जिसे हम असफलता का नाम देते हैं और अगर हम जीवन में मेहनत सच्चे ढंग से करते हैं तो सफलता मिलना तय है तो हम उसे सफलता का नाम देते हैं सफलता और असफलता हमारे कार्य क्षमता और हमारे मानसिक क्षमता पर निर्भर करता है की हम कितने तैयार है खुद के लिए 

सफलता के लिए खुद को नकारात्मक प्रभाव से मुक्त रखना पड़ता है क्योंकि जब आप कोई भी कार्य करते हैं तो कितने ही ना जाने आप के आस-पास ऐसे लोग होते हैं जिन्हें आप का ये कार्य पसंद नहीं आता 

उनकी लगातार ये कोशिश होती है की आप उस कार्य को छोड़ दें इसलिए वैसे लोग आप को बार-बार कितने ही असफल लोगों के उदाहरण देते है जिन्होंने आज तक ढंग से कोशिश भी नहीं की है आप को तोड़ने की पूरी कोशिश करते हैं आप फिर भी लोगों के फैलाएं जाने वाले भम्र से अछूते हैं तो आप सफल अवश्य होंगे क्योंकि सफलता की सबसे बड़ी कसौटी खुद पर विश्वास ही तो है खुद पर विश्वास करना, असफलताओं से विचलित नहीं होना, हमेशा पॉजिटिव सोचना कर्मों और मेहनत पर भरोसा रखना ही सफलता की सीढ़ी पर व्यक्ति को निरंतर आगे बढ़ाती रहती है

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